दिल्ली के सरोजिनी मार्केट में बिकते हैं ‘मरे हुए लोगों’ के कपड़े? अफवाह या सच्चाई, जानिए पूरी हकीकत
Sarojini Nagar Market: दावा किया जाता है कि विदेशों के कब्रिस्तान और श्मशान से कपड़े भारत लाए जाते हैं. इन्हें धोकर, आयरन करके, लेबल आदि लगाने के बाद मार्केट में बेचा जाता है.
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विनय कुशवाहा
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Last Updated: Apr 02, 2026 10:17 PM IST
दिल्ली का सरोजिनी मार्केट किफायती दाम पर मिलने वाले सामान के लिए जाना जाता है. यहां पर्स, बैग, बेल्ट, जूता से लेकर घरेलू इस्तेमाल में आने वाली सारे सामान कम कीमत पर मिलते हैं.
इस मार्केट का सबसे बड़ा आकर्षण कम दाम में मिलने वाले कपड़े हैं, जो कि हर वर्ग के लिए उपलब्ध हैं.
ये लड़कियों और फैशन लवर्स के लिए फाइनल स्टॉप माना जाता है. यहां 100 से 200 रुपये में टॉप्स और ब्रांडेड जींस मिल जाते हैं. यही सस्ती कीमत लोगों को इस बाजार की ओर खींचती है.
सरोजिनी मार्केट के साथ एक अफवाह है कि यहां मरे हुए लोगों के कपड़े बिकते हैं.
दावा किया जाता है कि विदेशों के कब्रिस्तान और श्मशान से कपड़े भारत लाए जाते हैं. इन्हें धोकर, आयरन करके, लेबल आदि लगाने के बाद मार्केट में बेचा जाता है.
वहीं, सरोजिनी मार्केट से जुड़े हुए लोगों का कहना है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. ये केवल अफवाह है जिससे लोगों या खरीदारों को डराया जाता है.
दुकानदारों और बाजार से जुड़े हुए लोगों का कहना है कि सस्ते कपड़े ZARA और H&M ब्रांड के माइनर डिफेक्ट पीस, ब्रांडेड शोरूम के अनसोल्ड स्टॉक और सेकंड हेंड या डोनेशन वाले कपड़े होते हैं.
खरीदारी के पहले इन बातों का ध्यान रखें - सिलाई, बटन या चेन खरीदारी के बाद इन बातों का ध्यान रखें - गर्म पानी से धोकर, आयरन करने के बाद उपयोग करें.