Diwali 2026: दिवाली पर राहुकाल और अशुभ मुहूर्त का समय, जानें पूजा सामग्री और दान का महत्व
दिवाली 2026
Diwali 2026: दिवाली का त्योहार हर साल कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय शुभ मुहूर्त में पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आता है. हालांकि, पूजा करने से पहले शुभ और अशुभ समय की जानकारी होना रूरी है. आइए जानते हैं दिवाली के अशुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और खास उपाय.
दिवाली पर कब रहेगा राहुकाल?
पंचांग के अनुसार, आज दिवाली की शाम 4 बजकर 10 मिनट से 5 बजकर 31 मिनट तक राहुकाल रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य करने से बचना चाहिए. इसके अलावा यमगण्ड दोपहर 12:05 से 1:26 बजे तक रहेगा. दुर्मुहूर्त शाम 4:04 से 4:48 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 2:48 से शाम 4:10 बजे तक रहेगा. वहीं वर्ज्य मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 1:32 बजे तक है. बाण रज रात 8:58 बजे से पूरी रात तक रहेगा.
दिवाली के अशुभ चौघड़िया मुहूर्त
आज दोपहर 12:05 से 1:26 बजे तक काल चौघड़िया रहेगा. दोपहर 2:48 से शाम 4:10 बजे तक रोग चौघड़िया और शाम 4:10 से 5:31 बजे तक उद्वेग चौघड़िया रहेगा. इसके अलावा रात 10:27 से 12:05 बजे तक रोग चौघड़िया रहेगा.
दिवाली पूजा की सामग्री
लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए घी, पान, लौंग, रोली, फूल, फल, दूर्वा, कपूर, जनेऊ, सुपारी, कलावा, धूपबत्ती, पंचामृत, कुमकुम, गंगाजल, खील-बताशे, लाल कपड़ा, घी का दीपक, हल्दी की गांठ और लकड़ी की चौकी रखें.
दिवाली पर क्या दान करें?
- दिवाली पर जरूरतमंदों को अनाज, धन, पानी, मिठाई, पुस्तक और कंबल दान करना शुभ माना जाता है.
- इस दिन किसी गरीब को भोजन कराना भी पुण्यदायी माना जाती है.
- वहीं दिवाली पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजी करें.
- साथ ही घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में दीपक जरूर जलाएं.
- वास्तु मान्यताओं के अनुसार, यह दिशा पवित्र मानी जाती है.
- यहां दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि बनी रहती है.



