Justice Shekhar Kumar Yadav: एक कार्यक्रम में दिए गए कथित विवादित बयानों के कारण उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की चर्चा ने अब जोरों पर है.
इससे पहले निचली अदालत में भी यह मामला पहुंचा था. वहां NHAI की ओर से एक संशोधन याचिका दाखिल की गई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया. वक्फ की ओर से इसके खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर की गई, लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया. आखिरकार, हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि यह जमीन NHAI की है और वक्फ का दावा पूरी तरह से हवा-हवाई है.
Justice Verma: मानसून सत्र के दौरान सरकार जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव ला सकती है. पूर्व सीजीआई जस्टिस संजीव खन्ना ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की थी
योगी सरकार का कहना है कि यह वर्कशॉप बच्चों को न सिर्फ अपनी संस्कृति से जोड़ेगी, बल्कि उनमें नैतिकता और कला के प्रति रुचि भी पैदा करेगी. सरकार का मानना है कि भगवान राम के आदर्शों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी, जो उनके व्यक्तित्व को और निखारेगी.
Sambhal Jama Masjid: संभल जामा मस्जिद सर्वे मामले में मस्जिद प्रबंधन समिति को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने मस्जिद पक्ष की सिविल रिवीजन पिटीशन को खारिज कर दिया है.
भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9(2) के मुताबिक, अगर कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता खत्म हो सकती है. याचिकाकर्ता का दावा है कि राहुल गांधी ने ब्रिटिश नागरिकता छिपाई, जो भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट एक्ट के तहत अपराध है.
होली के दिन जज के आवास पर आग लगने की खबर आई. मौके पर फायर फायटर्स को भेजा गया. इस दौरान आग बुझाने वाली टीम ने जस्टिस के स्टोर रूम में नोटों की गड्डियां देखीं, जो आग की चपेट में आकर जल गई थीं. इसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ एक आंतरिक जांच कमेटी गठित की.
supreme court Decision: इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस लेते हुए सुनवाई की. कोर्ट ने मंगलवार यानी 25 मार्च को फैसले पर सुनवाई का निर्णय लिया था
Justice Yashwant Verma: दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किया गया है. अचानक हुए इस ट्रांसफर ने हर किसी को हैरान था. मगर अब इस ट्रांसफर का असल कारण सामने आ गया है. जस्टिस वर्मा के आवास से बेहिसाब रुपये मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ये फैसला लिया है.
कोर्ट ने क्रिमिनल रिवीजन की अर्जी को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ रेप की कोशिश और पॉक्सो एक्ट की धारा 18 के तहत समन जारी करना गलत है.