28 फरवरी को एएसआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जामा मस्जिद के अंदरूनी हिस्से को सिरेमिक पेंट से रंग दिया गया है और फिलहाल इसे पुताई की आवश्यकता नहीं है. लेकिन मस्जिद कमेटी ने सिर्फ बाहरी दीवारों पर सफेदी और परिसर की सफाई की बात की थी, जिसे लेकर मामला अदालत में पहुंचा था.
संभल की जामा मस्जिद का इतिहास बहुत पुराना है. यह मस्जिद मुग़ल शासक बाबर के शासनकाल में बनी थी. लेकिन इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि यहां पहले 'हरि हर मंदिर' हुआ करता था. यही कारण है कि इसे लेकर हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के बीच विवाद जारी है.
महाकुंभ भगदड़ पर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई सोमवार, 3 फरवरी को हुई. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने इस मामले को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया.
Allahabad High Court: हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जीजा और साली के बीच संबंध अनैतिक है. हालांकि, अगर महिला बालिग है और दोनों के बीच बने संबंध सहमति से हैं तो यह दुष्कर्म नहीं है.
Uttar Pradesh: वॉइस नोट में सुप्रीम कोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट और प्रयागराज रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी गई है. यह धमकी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और जन्मभूमि-शाही ईदगाह केस में वाद दायर करने वाले आशुतोष पांडे के वॉट्सऐप पर दी गई है.
Supreme Court: एससी ने मदरसा एक्ट को संवैधानिक बताया है. सुप्रीम कोर्ट ने 'उत्तर प्रदेश बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004' की संवैधानिक वैधता बरकरार रखा है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 22 मार्च के फैसले को रद्द कर दिया है.
Bahraich Bulldozer Action: बहराइच हिंसा के मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद सहित 23 लोगों के घरों व दुकानों पर पीडब्ल्यूडी ने शनिवार को नोटिस लगा दिया था. विभाग की तरफ से नोटिस सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण करने को लेकर लगाई गई थी.
Allahabad High Court: जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने आगे कहा कि संविधान हर शख्स को अपना धर्म मानने, पालन करने और प्रचार करने का अधिकार देता है. लेकिन यह व्यक्तिगत अधिकार धर्म परिवर्तन करवाने के सामूहिक अधिकार में तब्दील नहीं होता.
अयोध्या विवाद की तर्ज पर इलाहाबाद हाई कोर्ट इस मामले की सुनवाई सीधे तौर पर कर रहा है. मथुरा की जिला अदालत में दाखिल की गई इन याचिकाओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए अपने पास पहले ही मंगा लिया था.
Afzal Ansari: गैंगस्टर मामले में अफजाल अंसारी को पिछले साल 29 अप्रैल 2023 को 4 साल की सजा सुनाई गई थी. 4 साल की सजा होने की वजह से अफजाल अंसारी को जेल जाना पड़ा था.