Allahabad HC Major Verdict: पति ने अपनी ही पत्नी पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. जिसमें बताया कि पत्नी नपुंसक बोलती है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस समन आदेश को ही खारिज कर दिया.
Allahabad High Court: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने करीब 44 सालों बाद एक शख्स को बरी कर दिया है. कोर्ट ने उसकी 1982 की सजा को पलट दिया, जिसमें उन पर आरोप लगे थे कि उसने अपनी पत्नी को रेडियो की मांग करके परेशान किया, जिसकी वजह से पत्नी आत्महत्या के लिए मजबूर हो गई.
Allahabad High Court: लखनऊ बार एसोसिएशन का चुनाव 23 अप्रैल को होगा, जिसके लिए 19 अप्रैल से महिलाएं अपना नामांकन भर सकती हैं.
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली हैं. कथित यौन उत्पीड़न और पोस्को एक्ट के तहत दर्ज मामले में कोर्ट ने बुधवार को जमानत दे दी है.
Shankaracharya Avimukteshwaranand News: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को हाई कोर्ट की तरफ से बड़ी राहत मिली है. फिलहाल उनकी तत्काल गिरफ्तारी को रोकते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया गया है.
SC Decision: इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के तहत दो आरोपियों पर रेप की कोशिश के चार्ज बहाल करने के आदेश दिए हैं.
मस्जिद कमेटी की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार त्रिपाठी और शशांक त्रिपाठी ने कोर्ट में जोरदार दलीलें दीं. उन्होंने बताया कि बारात घर तो पहले ही ढहा दिया गया है और मस्जिद को गांधी जयंती और दशहरे के दिन तोड़ने की बात थी. दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से चीफ स्टैंडिंग काउंसिल जे.एन. मौर्या और आशीष मोहन श्रीवास्तव ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि ये कार्रवाई नियमों के तहत हो रही है.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस के उस पुराने तरीके पर सवाल उठाया, जिसमें अभियुक्तों की जाति को दस्तावेजों में दर्ज किया जाता है. जस्टिस विनोद दिवाकर ने कहा, "ये पुरानी प्रथा संवैधानिक नैतिकता के खिलाफ है. जाति का उल्लेख करना कानूनी भूल है, जो भारत के लोकतंत्र को कमजोर करता है."
Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बिना विधिवत धर्म परिवर्तन के अलग-अलग धर्मों के व्यक्तियों के बीच होने वाला विवाह कानूनन वैध नहीं माना जाएगा.
Emergency: आपातकाल की 50वीं बरसी पर यह याद करना जरूरी है कि लोकतंत्र कितने बलिदानों से हासिल हुआ है. जेपी की हुंकार ने दिखाया कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता.