Barwani Ground Report: प्रत्यक्ष रूप से मौके पर करीब छह पोकलेन मशीनें, एक दर्जन से अधिक डंपर तथा बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सक्रिय दिखाई दीं. मशीनें लगातार उत्खनन करती रहीं और वाहन रेत भरकर निकलते रहे. इससे यह सवाल भी उठता है कि इतनी बड़ी गतिविधि जिम्मेदार विभागों की नजर से कैसे ओझल रही.
मंच से भाजपा मंडल अध्यक्ष शुभम पांडे जब वर्तमान भाजपा परिषद की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साध रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, 'कांग्रेस की पिछली परिषदों ने कुछ नहीं किया'. तभी विधायक राजन मंडलोई बीच में खड़े हो गए. उन्होंने कहा, इस तरह की राजनीति मत करो.
आदिवासी परिवार ने चतुराई से बाहर निकलकर लॉक लगा दिया जिसके चलते तेंदुआ कैद हो गया. राहत की बात यह रही कि तेंदुए ने किसी भी व्यक्ति पर हमला नहीं किया और बाद में आसपास की पहाड़ियों की ओर लौट गया.
Barwani: सरदार सरोवर बांध को भरने के लिए नर्मदा में ऊपरी बांधों से पानी छोड़ा गया था, जिसके चलते जलस्तर बढ़ने से बड़वानी के समीप राजघाट स्थित पुल डूब गया था.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि उन्हें पिछले तीन-चार महीने से राशन नहीं मिल रहा था. 22 जून 2026 को ग्रामीणों ने पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई.
हादसे में उनके दोनों बैलों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि किसान नवविया और उनकी बेटी नानी गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए.
किसान के अनुसार, खाद का उपयोग करने के बाद भी खेतों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका है.
बड़वानी में सड़क न होने का सबसे ज्यादा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है. बरसात के मौसम में रास्ता और भी खस्ताहाल हो जाता है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल ले जाने वाले मरीजों और किसानों को खाद-बीज लाने या फसल बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
Barwani News: मोहर्रम की सातवीं तारीख की रातभर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बाबाओं की सवारियां भी निकाली गईं. इन सवारियों के दर्शन और जियारत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े. लोगों ने अकीदत के साथ हाजिरी लगाई और अपनी मन्नतें मांगी.
Barwani News: करीब 30 से 35 परिवारों और 250 से अधिक आबादी वाले इस फलिया की मुख्य सड़क से कनेक्टिविटी वर्षों से नहीं हो पाई है. ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेताओं और अधिकारियों द्वारा किए गए आश्वासन केवल वादे बनकर रह गए. ग्रा