MP News: दोनों शहरों में 27 अप्रैल से ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम को लागू किया जा रहा है. इसके साथ ही यात्रियों को टिकट और वॉलेट रिचार्ज करने पर छूट मिलेगी. अब तक मैन्युअली किराया वसूला जाता था, जिसे आने वाले दिनों में ऑनलाइन वसूल किया जाएगा.
Bhopal Metro: कहीं ऐसा तो नहीं की शुरुआती दौर में सरकार के लिए भोपाल मेट्रो घाटे का सौदा बन गई है. मौजूदा हालात ये है कि दिन का खर्च 8 लाख और कमाई 15 हजार रुपये है.
ये पहली दफा नहीं है कि भोपाल मेट्रो की टाइमिंग बदली गई है, या फिर नया शेड्यूल जारी किया गया है. पिछले 100 दिनों में ये तीसरी बार है जब भोपाल मेट्रो की टाइमिंग बदल दी गई है.
भोपाल मेट्रो में ऑरेंज लाइन का अंडरग्राउंड रूट पुल पातरा से बड़ा बाग और सिंधी कॉलोनी तक बनेगा. हालांकि मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि सुरंग बनने का एहसास जमीन के ऊपर ज्यादा पता नहीं चलेगा.
Bhopal Metro: सिग्नलिंग सिस्टम का काम शुरू भोपाल में मेट्रो संचालन को तेज और सुचारू बनाने की दिशा में अहम प्रगति हुई है.
Bhopal Metro: टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के दो हिस्से करीब 24 मीटर नीचे स्थापित किए जा चुके हैं, वहीं भूमिगत स्टेशनों के निर्माण कार्य ने भी रफ्तार पकड़ ली है.
Bhopal: राजधानी भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट के सबसे अहम चरण अंडरग्राउंड रूट यानी टनल निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है. ऑरेंज लाइन में सिंधी कॉलोनी से बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन होते हुए पुल पातरा तक सुरंग बनाई जाएगी.
Bhopal Metro: यात्रियों की लगातार संख्या में कमी होने की वजह से भोपाल मेट्रो रेल प्रबंधन को 14 दिनों के भीतर ही शेड्यूल बदलना पड़ा था. वर्तमान की बात करें तो मेट्रो दोपहर 12 बजे से शुरू हो रही है, जो पहले सुबह 9 बजे से चलती थी.
Bhopal Metro: भोपाल मेट्रो की ट्रिप संख्या को भी घटाया गया है. पहले जहां एम्स और सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन दोनों को मिलाकर ट्रेन 17 ट्रिप लगाती थी. इसे घटाकर अब 13 कर दिया गया है. एम्स मेट्रो स्टेशन से सुभाष नगर के बीच 7 ट्रिप और सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन से एम्स के बीच ट्रेन 6 ट्रिप लगाएगी
भोपाल मेट्रो देश की 26वीं और मध्य प्रदेश की दूसरी मेट्रो है. लेकिन 14 दिनों के बाद भी मेट्रो को पैसेंजर नहीं मिल पा रहे हैं. इसके कारण भोपाल मेट्रो रेल प्रबंधन ने मेट्रो को सुबह ना चलाने का फैसला लिया है.