महाकुंभ को लेकर सोशल मीडिया पर भ्र्र्रामक पोस्ट करने वाले 10 प्रकरणों में शामिल 101 अकाउंट्स पर पुलिस ने अब तक कार्रवाई की है. बुधवार को भी एक सोशल मीडिया अकाउंट से पाकिस्तान के वीडियो को महाकुंभ का बताकर अफवाह फैलाने वाली पोस्ट का खंडन किया गया.
यूपीपीसीबी का कहना है कि गंगा और यमुना नदियों के पानी का प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुसार है. उन्होंने यह भी बताया कि नालों के माध्यम से कोई प्रदूषित सीवेज गंगा या यमुना में नहीं छोड़ा जा रहा है.
इस समय प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है. प्रत्येक दिन एक करोड़ से ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगाने आ रहे हैं. ऐसे में कई श्रद्धालु लंबी दूरी तय कर आ रहे हैं, जिनकी हालत गर्मी और प्यास के कारण बिगड़ने लगती है.
Maha Kumbh 2025: बसंत पंचमी के बाद से महाकुंभ में लोगों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है. वीकेंड पर भीड़ की संख्या 2.5 से 3 करोड़ का आंकड़ा पार कर जा रही है. देश विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं के अलावा यहां अब उत्तर प्रदेश के लोग भी यहां संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं.
Maha kumbh 2025: एक कपल पूरे परिवार के साथ बरेली से आस्था की डुबकी लगाने महाकुंभ पहुंचे हुए थे. वहीं विस्तार न्यूज से बातचीत के दौरान महाकुंभ की व्यवस्था को लेकर पति-पत्नी के बीच ही नोक झोंक होने लगी. बाद में विस्तार न्यूज़ के रिपोर्टर के समझाने पर कैमरे पर ही कपल्स ने एक दूसरे को रोज़ का फुल देकर प्यार का इजहार किया.
अब तो हालत ये हो गई है कि ट्रेनें भी बाहर के स्टेशनों पर रोकनी पड़ रही हैं. महाकुंभ 2025 को लेकर रेलवे विभाग ने अतिरिक्त 'मेला स्पेशल' ट्रेनें चलाने का इंतजाम किया था.
7 फरवरी से ही साधु-संतों का काशी की ओर रुख करना शुरू कर दिया है. ये साधु-संत महाशिवरात्रि तक काशी के विभिन्न घाटों पर प्रवास करेंगे. इन घाटों का विशेष महत्व है, जैसे निरंजनी घाट, महानिरवानी घाट, जूना घाट आदि. यहां पर अलग-अलग अखाड़े के साधु-संत अपने-अपने नाम से प्रसिद्ध स्थानों पर ठहरते हैं और वहां भगवान शिव की आराधना करते हैं.
Maha Kumbh 2025: वीकेंड होने पर महाकुंभ में शनिवार और रविवार की छुट्टी के चलते श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. एक तरफ जहां संगम नगरी में पेअर रखने तक की जगह नहीं दिख रही, वहीं प्रयागराज आने वाले सभी रास्तों पर 10-15 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है.
Maha Kumbh 2025: संगम के पास जैसे पैर रखने की जगह नहीं है वैसे ही महाकुंभ जाने वाली ट्रेनों में भी पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है. हालात ये हैं कि लोग ट्रेन के बाथरुम में भी खड़े हो-होकर जा रहे हैं.
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ के तीनों शाही स्नान पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे थे. महाकुंभ के तीन अमृत स्नान पूरे हो चुके हैं. अब दो महत्वपूर्ण स्नान बचे हैं. जिसमें करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने वाली है.