ट्रंप के समर्थन के बावजूद हार गईं डार्लिन ग्राहम, बहन ने किया था भारत के खिलाफ टैरिफ प्‍लान तैयार  

US Election Results: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को करारा झटका लगा है. उनके सभी चहेतों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. ट्रंप की खास कही जाने वाली डार्लिन ग्राहम को भी इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है.
Darlin Graham

डार्लिन ग्राहम

US Election Results: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बीच साउथ कैरोलिना से बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला था. यहां डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार एनी एंड्रयूज ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को हराकर अमेरिकी सीनेट की सीट पर कब्जा कर लिया है. इस जीत को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले 28 साल से इस राज्य में कोई डेमोक्रेटिक उम्मीदवार सीनेट का चुनाव नहीं जीत पाया था.

एनी एंड्रयूज की जीत ने रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले साउथ कैरोलिना में राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद डार्लिन ग्राहम के समर्थन में प्रचार किया था.

भारत के खिलाफ बनाया था टैरिफ

डोनाल्‍ड ट्रंप के प्रचार करने के बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा है. डार्लिन ग्राहम पूर्व सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन हैं. लिंडसे ग्राहम कई बार भारत की सीधे तौर पर आलोचना कर चुके थे. इसके साथ की रूस से खरीदे जाने वाले कच्‍चे तेल पर टैरिफ लगाने का प्‍लान तैयार किया था. लिंडसे ग्राहम का जुलाई में निधन हो गया था. इसके बाद राज्य के गवर्नर ने उनकी बहन डार्लिन को सीनेट की खाली सीट पर नियुक्त किया था.

ट्रंप की डार्ल‍िन क्‍यों नहीं जीत पाई चुनाव?

डार्लिन ग्राहम को ट्रंप का समर्थन मिलने के बाद उम्मीद थी कि वह इस सीट को अपने पास बनाए रखने में कामयाब रहेंगी. दूसरी तरफ एनी एंड्रयूज ने स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और आम लोगों की पहुंच में लाने, महंगाई कम करने और परिवारों पर आर्थिक बोझ घटाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था. यही वजह रही कि वो जनता के बीच सीधी पहुंच सकी.

एनी ने महिला वोटरों को साधा

एनी पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं. उन्होंने अपने मेडिकल अनुभव को चुनाव प्रचार का हिस्सा बनाया.  बताया कि इलाज के खर्च की वजह से कई परिवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. उनके इस मुद्दे को मतदाताओं का समर्थन मिला.

इस जीत के साथ एनी एंड्रयूज साउथ कैरोलिना से अमेरिकी सीनेट पहुंचने वाली पहली महिला भी बन गई हैं. इससे पहले साल 1998 में अर्नेस्ट हॉलिंग्स ने इस राज्य से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के तौर पर सीनेट का चुनाव जीता था.

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