MP News: एमपी में 10 साल में 28 बाघ समेत 341 वन्य प्राणियों की करंट से मौत, 420 किसानों पर प्रकरण, सिर्फ 10 को मिली सजा
एमपी में 10 साल में 28 बाघ समेत 341 वन्य प्राणियों की करंट से मौत
MP News: मध्य प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में करंट की चपेट में आकर 341 वन्यजीवों की मौत हुई, जिनमें 28 बाघ, 36 तेंदुए और 23 भालू शामिल हैं, लेकिन इन घटनाओं में 420 किसानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने के बावजूद केवल 10 मामलों में ही सजा हो सकी. इन किसानों ने अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों के चारों तरफ करंट फैलाकर रखे थे. सरकार ने यह जानकारी कांग्रेस विधायक अजय सिंह के सवाल के लिखित जवाब में दी.
विधायक अजय सिंह ने पूछे सवाल
विधायक अजय सिंह ने पूछा कि दस साल में खेतों में करंट फैलाने से कितने वन्य प्राणियों की मौत हुई है और कितने दोषी किसानों को सजा हुई है. लिखित जवाब में बताया गया कि 25 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान पर ही मुआवजा दिया जाता है, जबकि कम नुकसान की भरपाई का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. 10 मामलों में दोषी किसानों को सजा हुई हैं, जबकि 320 मामले विचाराधीन हैं.
शहडोल में 91 वन्य प्राणियों की मौत
घटनाओं का भौगोलिक पैटर्न भी चिंता बढ़ाता है. वन क्षेत्रों से सटे जिलों में करंट से मौतों के मामले अधिक हैं. शहडोल रेंज में 10 वर्षों में 91 वन्यजीवों की मौत दर्ज की गई. वहां, बाघ 11, तेंदुए 6, भालू 13, नीलगाय छह, जंगली सुअर के अलावा 22 तोते को करंट लगाकर मारा गया. एक हाथी की मौत करंट से भी हो चुकी है.ये संकेत देता है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले इलाकों में निगरानी और वैकल्पिक सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं.
ये है वन्य प्राणियों की मौत का आंकड़ा
- तेंदुए – 36
- बाघ-28
- नील गाय-27
- भालू-23
- चीतल-09
- हाथी-01
- कुल-341
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