क्या आप भी बुखार आते ही गोली निगल लेते हैं? रुकिए, यह बॉडी के लिए खतरनाक हो सकता है!
बुखार आने पर तुरंत गोली खाने से बचें
Fever Medicine Side Effects: बुखार आने पर हम अक्सर घबराकर तुरंत दवा खा लेते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो यह हमेशा सही नहीं होता. दरअसल, बुखार कोई बीमारी नहीं बल्कि हमारे शरीर का एक रक्षा कवच है. जब भी बाहर से कोई वायरस या बैक्टीरिया शरीर पर हमला करता है, तो हमारा शरीर तापमान बढ़ाकर उन्हें खत्म करने की कोशिश करता है. इसलिए, हर बार हल्का बुखार होने पर उसे दवा से दबाने की जरूरत नहीं होती. मौसम बदलने या थकान की वजह से होने वाला मामूली बुखार शरीर की अपनी लड़ाई का हिस्सा है. दवा तभी लेनी चाहिए जब बुखार बहुत ज्यादा बढ़ जाए या बर्दाश्त से बाहर हो. शरीर को खुद लड़ने का मौका देना उसकी इम्यूनिटी के लिए बेहतर होता है.
हर दवा लेना कितना नुकसानदायक है?
बुखार होते ही बिना सोचे-समझे दवा लेना शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है. WHO के अनुसार, करीब 60 प्रतिशत लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेते हैं, जिससे लिवर और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है. सिर्फ बुखार उतार देने से डेंगू या मलेरिया जैसी असली बीमारी खत्म नहीं होती, बल्कि दवा का असर भी शरीर पर कम होने लगता है. इसलिए, बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए ताकि साइड इफेक्ट्स से बचा जा सके.
बुखार में कब दवा लेनी चाहिए?
अगर आपको 99 से 101 डिग्री तक हल्का बुखार है और सांस फूलने, चकत्ते या बहुत ज्यादा कमजोरी जैसे कोई बड़े लक्षण नहीं हैं, तो आप राहत के लिए एक-दो बार दवा ले सकते हैं. याद रखें कि दवा केवल बुखार कम करती है, वह बीमारी को पूरी तरह खत्म नहीं करती. इसलिए ऐसे समय में खूब पानी पिएं, आराम करें और दवा का इस्तेमाल तभी करें जब आपको ज्यादा बेचैनी महसूस हो रही हो.
बुखार आने पर क्या करें?
- शरीर में पानी की कमी न होने दें;. पानी, जूस और नारियल पानी लेते रहें.
- पचने में आसान खाना जैसे खिचड़ी या सूप ही खाएं भारी खाने से बचें.
- शरीर को रिकवर होने के लिए पूरी नींद और रेस्ट दें मेहनत वाला काम न करें.
- हाथों को साफ रखें ताकि इन्फेक्शन दूसरों तक न फैले.
- थर्मामीटर की मदद से समय-समय पर अपना बुखार चेक करते रहें.
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने के नुकसान
- बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेने से मलेरिया या डेंगू जैसी बड़ी बीमारियों के लक्षण छुप सकते हैं.
- बहुत ज्यादा या बार-बार दवा खाना आपके लिवर के लिए खतरनाक हो सकता है.
- अलग-अलग नाम की दवाओं में एक ही सॉल्ट जैसे पैरासिटामोल हो सकता है, जिससे शरीर में दवा की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो सकती है.
- बच्चों, बुजुर्गों या पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए बिना सलाह दवा लेना ज्यादा रिस्की है.