एक्शन में CM मोहन यादव, सीधी कलेक्टर और गुना SP को हटाया, पुलिस अधीक्षक पर एक करोड़ 20 लाख लेने के मामले में कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीधी जिले के कलेक्टर, गुना के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और सहकारिता विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया है या निलंबित कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव(File Photo)

मुख्यमंत्री मोहन यादव(File Photo)

MP News: मध्यप्रदेश में प्रशासनिक गड़बड़ियों और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा और सख्त एक्शन लिया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीधी जिले के कलेक्टर, गुना के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और सहकारिता विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया है.

सीधी जिले में कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं. यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के हालिया सीधी दौरे के दौरान मिली शिकायतों और प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा के बाद की गई. दौरे के दौरान आम जनता और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे.

गरीब परिवार का मकान तोड़ने पर नाराज हुए थे CM

दरअसल, सीधी में एक विवाद उस समय सामने आया जब प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चिन्हित भूमि पर डीजे परिसर के निर्माण के लिए जमीन आवंटित कर दी गई. इतना ही नहीं, इस फैसले के चलते एक गरीब परिवार का मकान भी तोड़ दिया गया. जैसे ही यह मामला तूल पकड़ने लगा और स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हुआ, प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और बुलडोजर कार्रवाई रोकनी पड़ी. इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए.

इसी मामले में जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई. मुख्यमंत्री ने मौके की समीक्षा और फीडबैक के आधार पर यह स्पष्ट कर दिया कि गरीबों के अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को किया निलंबित

इसके अलावा, सहकारिता विभाग में भी कार्रवाई करते हुए जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कदम वित्तीय अनियमितताओं और शिकायतों के मद्देनजर उठाया गया है.

वहीं, गुना जिले में हवाला से जुड़े एक गंभीर मामले में भी पुलिस विभाग पर कार्रवाई की गई है. करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए की नकद राशि जब्त किए जाने के बाद कथित रूप से उसे व्यापारी को वापस लौटा दिया गया था. इस पूरे मामले में पहले ही संबंधित थाना प्रभारी और तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी थी.

पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी की भूमिका संदिग्ध

जांच के दौरान पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई. इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया. यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सरकार कानून-व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती.

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख को एक मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. यह साफ किया गया है कि जनहित के मामलों में लापरवाही, भ्रष्टाचार या दबाव में लिए गए फैसलों पर सीधे कार्रवाई होगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही बढ़ेगी और अधिकारियों के बीच अनुशासन कायम होगा. साथ ही, आम जनता का भरोसा भी शासन-प्रशासन पर मजबूत होगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह कदम आगामी समय में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

गुना पुलिस अधीक्षक और सीधी कलेक्टर को हटाए जाने के बाद दो अधिकारियों को जिलों में जिम्मेदारी मिल गई है. 2013 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मिश्रा सीधी के नए कलेक्टर बनाए गए हैं, वहीं हितिका वसाल गुना के एसपी के पद पर तैनात की गई है.

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