सीजफायर या जंग? पेंटागन मिडिल ईस्ट में हजारों सैनिक भेजने की तैयारी में, जानें ट्रंप का प्लान

Middle East Tension: ट्रंप सरकार ने अमेरिकी सेना की सबसे खतरनाक यूनिट्स में से एक '82वीं एयरबोर्न डिवीजन' के लगभग 1,000 सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी की है.
82nd Airborne Division Army

82वीं एयरबोर्न डिवीजन

Middle East Tension: मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर करने का प्लान बताया था और 5 दिनों तक जंग रोकने की बात कही है. वहीं दूसरी ओर शांति वार्ता की कोशिश की चर्चा के बीच ट्रंप सरकार अमेरिकी सेना की सबसे खतरनाक यूनिट्स में से एक ’82वीं एयरबोर्न डिवीजन’ के लगभग 1,000 सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रही है. मिडिल ईस्ट तनाव के बीच अमेरिकी सरकार का बड़ा सैन्य कदम माना जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन बहुत जल्द सैनिकों को रवाना करेगा. इस टुकड़ी में प्रथम ब्रिगेट कॉम्बैट टीम के साथ डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल ब्रैंडन टेग्टमेयर भी शामिल रहेंगे. ’82वीं एयरबोर्न डिवीजन’ की सबसे बड़ी खासियत है कि यह बहुत ही कम समय के अंदर दुनिया के किसी भी कोने में तैनात हो सकती है. इसे अमेरिकी सेना का इमरजेंसी रिस्पांस माना जाता है.

सेना की संख्या को लेकर संशय बरकरार

ट्रंप प्रशासन कितनी सेनाओं को भेजेगा. इसको लेकर अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाया है. हर न्यूज एजेंसियां अपने अलग-अलग दावे कर रही हैं. कोई 1,000 सेना भेजने की बात कह रहा है, तो कोई 3,000 सैनिकों को भेजना का दावा कर रहा है. कुछ मीडिया रिपोर्ट भारी-भरकम तैनाती के संकेत दे रहे हैं.

ये भी पढ़ेंः ‘ईरान-इजरायल और US के संपर्क में हम…’, PM मोदी बोले- जंग जारी रही तो गंभीर परिणाम होंगे

क्या है ट्रंप का प्लान?

अमेरिका ने ’82वीं एयरबोर्न डिवीजन’ के हजारों सैनिकों को पेंटागन मिडिल ईस्ट में तैनात करने की तैयारी की है. इस तैनाती के पीछे माना जा रहा है कि अमेरिका किसी भी युद्ध जैसी स्थिति या विवादित क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए बैकअप तैयार रख रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप सीजफायर पर बातचीत कर सकते हैं. उस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बड़ा सैन्य दांव खेलने की तैयारी है. हालांकि ट्रंप सरकार ने पिछले कुछ दिनों पहले ही करीब 2200 मरीन सैनिकों को पेंटागन के लिए रवाना किया था. फिलहाल, अब देखना यह होगा कि सीजफायर पर सहमति बनेगी या फिर जंग अभी और दिनों तक चलेगा.

ज़रूर पढ़ें