एमपी के किसानों के लिए बड़ी खबर, खेती के दौरान दुर्घटना होने पर सरकार देगी 4 लाख रुपए, जानें कैसे करें आवेदन
खेती के दौरान दुर्घटना होने पर सरकार देगी पैसा
CM Krishak Jeevan Kalyan Yojana: मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के किसानों के लिए कई राहतकारी योजनाएं चला रही है. किसानों को देश का ‘रियल हीरो’ कहा जाता है. अक्सर देखा गया है कि खेती-किसानी करते समय किसानों के साथ कोई अनहोनी या दुर्घटना हो जाती है, जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है या शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण वे कृषि कार्य करने में असमर्थ हो जाते हैं. प्रदेश सरकार किसानों की इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनके और उनके परिवारजनों के लिए ‘मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना’ चला रही है. इस योजना के तहत यदि खेती-किसानी के दौरान किसी दुर्घटना में किसान की मृत्यु हो जाती है, तो सरकार सहायता के तौर पर 4 लाख रुपए की आर्थिक मदद प्रदान करती है.
मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना क्या है?
मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना असल में किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसकी शुरुआत साल 2008 में हुई थी और 2012 में सरकार ने इसकी मदद राशि को और बढ़ा दिया. इस योजना का साफ़ लक्ष्य है कि अगर खेती के काम के दौरान किसी किसान की मृत्यु हो जाए या वह अपाहिज हो जाए, तो उसके परिवार को तुरंत पैसे की मदद मिल सके. खास बात यह है कि इसका फायदा सिर्फ जमीन के मालिक को ही नहीं, बल्कि खेत में काम करने वाले मजदूरों और खेती से जुड़े अन्य कामगारों को भी मिलता है.
किन परिस्थितियों में मिलता है लाभ?
- खेती की मशीनों जैसे ट्रैक्टर या थ्रेशर का इस्तेमाल करते समय होने वाले हादसे.
- खेत में कुआं खोदने या ट्यूबवेल लगवाने के दौरान होने वाली कोई भी दुर्घटना.
- खेत के ऊपर से जा रही बिजली की तारों (हाई टेंशन लाइन) की चपेट में आने या करंट लगने पर.
- फसलों पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करते समय तबीयत बिगड़ने या ज़हरीले असर होने पर.
- किसान के घर से खेत जाने या खेत से वापस घर लौटते समय रास्ते में हुई कोई भी दुर्घटना.
- अनाज मंडी में काम के दौरान लगी चोट या पशुओं की देखभाल करते समय होने वाले हादसे.
सरकार कितना पैसा देती है?
- इस योजना के तहत किसान की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 4 लाख रुपये की नकद सहायता दी जाती है.
- शरीर के काम न करने की स्थिति में 1 लाख रुपये तक की मदद मिलती है.
- आंशिक रूप से अपंगता आने पर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है.
- मौत होने की स्थिति में अंतिम विदाई के लिए 4 हजार रुपये अलग से तुरंत दिए जाते हैं.
ये भी पढ़ें-इस योजना में किसानों को हर महीने मिलती है 3 हजार रुपये की मासिक पेंशन, जानिए कैसे लाभ उठाएं
कैसे करें आवेदन और क्या चाहिए डॉक्यूमेंट्स
योजना का लाभ लेने के लिए किसान या उसके परिवार को आवेदन पत्र के साथ सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स जिला कलेक्टर ऑफिस में जमा करने होते हैं. प्रशासन द्वारा कागजों की जांच पूरी होने के बाद सहायता की राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है. इसके लिए आपको आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और जमीन के कागज (खसरा-खतौनी) की जरूरत होगी. इसके अलावा, यदि मृत्यु हुई है तो मृत्यु प्रमाण पत्र और अगर शरीर को नुकसान पहुंचा है तो अस्पताल से मिला मेडिकल सर्टिफिकेट देना अनिवार्य है.