Bhopal: रिटायर्ड अफसर की गैस एजेंसी में गडबड़ी, 2 एजेंसी में 700 सिलेंडर का हेरफेर, कलेक्टर को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

Bhopal: फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद की बीएस एचपी गैस एजेंसियों में बड़े स्तर पर गैस सिलेंडरों की गड़बड़ी उजागर हुई है.
LPG Cylinders

एलपीजी गैस सिलेंडर

Bhopal News: भोपाल के जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद की बीएस एचपी गैस एजेंसियों में बड़े स्तर पर गैस सिलेंडरों की गड़बड़ी उजागर हुई है. खाद्य विभाग की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट मंगलवार को कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को सौंपी जानी है.

शिकायत के बाद हरकत में आया विभाग

गैस सिलेंडर सप्लाई में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने टीम गठित कर जांच करवाई. जांच के दौरान सामने आया कि करीब 36 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दोनों एजेंसियों का साझा गोदाम संचालित हो रहा था, जहां स्टॉक का रिकॉर्ड संदिग्ध पाया गया.

स्टॉक में आई भारी कमी

जांच में सबसे ज्यादा गड़बड़ी फीनिक्स एजेंसी में मिली. यहां 350 घरेलू, 350 कमर्शियल और करीब 2 हजार छोटे (5 किलो) सिलेंडर गायब पाए गए. वहीं बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर कम मिले. इसके अलावा कमर्शियल सिलेंडरों के स्टॉक में भी अंतर पाया गया, जिससे बड़े स्तर पर हेराफेरी की आशंका जताई जा रही है.

एजेंसियों के मालिकाना हक पर उठे सवाल

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी हैं. इस खुलासे के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. अधिकारियों का कहना है कि पूरी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

प्रदेशभर में चल रहा अभियान

प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है. खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार अब तक 2938 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 4547 सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 12 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है. साथ ही 765 पेट्रोल पंपों की जांच में भी 2 प्रकरण सामने आए हैं.

PNG कनेक्शन बढ़ाने की तैयारी

सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है. अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी ने निर्देश दिए हैं कि जिन घरों में पाइपलाइन मौजूद है लेकिन कनेक्शन नहीं लिया गया है, उन्हें अगले तीन महीने में जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाए. इसके लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां प्रशासन, खाद्य विभाग, नगरीय निकाय और ऑयल कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहेंगे.

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