Jabalpur Cruise Incident: क्रूज हादसे की जांच तेज, पुलिस ने दर्ज किए दर्जन भर लोगों के बयान, हाई कोर्ट में लगी जनहित याचिका

Jabalpur Cruise Incident: बरगी पुलिस के द्वारा घटना से जुड़े दर्जन भर से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं. बाकी बयान के लिए पुलिस ने जिला अदालत से समय मांगा है.
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बरगी डैम में डूबा क्रूज, जबलपुर

Jabalpur Cruise Incident: जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसे को लेकर अब जांच पड़ताल तेजी से आगे बढ़ रही है. जिला अदालत के आदेश के बाद बरगी थाना पुलिस ने हादसे से जुड़े सभी तथ्यों को खंगालना शुरू कर दिया है. बरगी पुलिस के द्वारा घटना से जुड़े दर्जन भर से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं. बाकी बयान के लिए पुलिस ने जिला अदालत से समय मांगा है.

जिला अदालत ने दिया था दो दिन में FIR दर्ज होने का आदेश

दरअसल, जबलपुर जिला अदालत की न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बरगी पुलिस को आदेश दिया था कि दो दिनों के अंदर बरगी हादसे के मामले में एफआईआर दर्ज होना चाहिए. इस आदेश के बाद बरगी थाना पुलिस ने जांच तेजी से आगे बढ़ाई और 12 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें हादसे में बचाए गए पर्यटक, मध्य प्रदेश टूरिस्ट बोर्ड के रिसोर्ट के कर्मचारी और हादसे के दौरान पर्यटकों को बचाने गए बचाव दल के सदस्यों से भी बयान लिए हैं.

क्रूज चालक की गलती से हुआ हादसा

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बयान में लोगों ने कहा है कि हादसा क्रूज चालक की गलती से हादसा हुआ है. अगर क्रूज चालक समय रहते क्रूज को वापस ले आता या पर्यटकों को जल्द लाइव जैकेट दे देता तो शायद हादसा टल सकता था, लेकिन तेज आंधी के दौरान भी क्रूज चलता रहा.

बयान दर्ज करने के लिए पुलिस ने अदालत से मांगा समय

बरगी पुलिस ने जिला अदालत से फिर बयान दर्ज करने के लिए समय मांगा है. बरगी पुलिस द्वारा न्यायालय में कहा गया है की चुकी बरगी क्रूज हादसे के मामले में 13 मौतों की जांच की जा रही है, इसमें वैज्ञानिक जांच भी शामिल हैं. साथ ही इस मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी भी बनाई गई है लिहाजा एफआईआर दर्ज करने के लिए समय चाहिए.

हाई कोर्ट पहुंचा मामला

इधर, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है. भोपाल निवासी कमल कुमार राठी ने हाई कोर्ट से पूरे मध्य प्रदेश में टूरिस्ट बोट और क्रूज संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. मामले की सुनवाई 11 मई को प्रस्तावित है. याचिका में दावा किया गया है कि 30 अप्रैल 2026 को बरगी डैम में तेज आंधी-तूफान के दौरान क्रूज बोट पलटने से 13 लोगों की मौत हो चुकी है.

41 यात्री थे सवार, टिकट केवल 29 के जारी

जनहित याचिका में कहा गया है कि क्रूज में 41 यात्री सवार थे, जबकि केवल 29 टिकट जारी किए गए थे. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि यात्रियों को यात्रा शुरू होने से पहले लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गईं, जो गंभीर सुरक्षा चूक है. याचिका में मौसम की चेतावनी को दरकिनार करने का भी आरोप लगाया गया है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 29 अप्रैल को तेज हवाओं और खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी. इसके बावजूद पर्यटन विभाग ने क्रूज सेवा बंद नहीं की. याचिका में इसे प्रशासन और संबंधित विभागों की घोर लापरवाही बताया गया है.

याचिका में हाई कोर्ट से कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी करने की मांग की गई है. पूरे मध्य प्रदेश में टूरिस्ट बोट और क्रूज सेवाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए. सभी जल पर्यटन स्थलों का अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट नई सुरक्षा नीति और मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाए. जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हो.

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