Narsinghpur: घूमने-फिरने और मौज-मस्ती के शौक ने बनाया अपराधी, 7 चोरियों के मास्टरमांइड के साथ गिरोह का हुआ पर्दाफाश
सांकेतिक तस्वीर
Narsinghpur: महंगी चीजों का, घूमने-फिरने का, मौज-मस्ती करने का और अच्छी लाइफस्टाइल का शौक होना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन अगर ये सभी शौक पूरा करने के लिए आप अपराध का रास्ता चुनते है तो इस मामले में आपको सजा भी भुगतनी पड़ेगी. एमपी के नरसिंहपुर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, इस केस में शनिवार की शाम पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने सात चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक शातिर गिरोह के सदस्यों और चोरी के जेवर खरीदने वाले एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है.
जिले के एसपी ने दी मामले पर जानकारी
इस मामले से एसपी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया है कि स्टेशनगंज क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों की रोकथाम के लिए पुलिस की एक टीम का गठन किया गया था. इसी दौरान मुखबिर की सूचना के आधार पर घेराबंदी कर छह संदिग्धों को अभिरक्षा में लिया गया. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात अंजाम देने ने के आरोप को स्वीकार कर लिया है.
सात वारदातों को दिया अंजाम
बता दें कि आरोपितों ने ग्राम चीलाचोन, सुपला, खुरपा बड़ा, विपतपुरा में दो स्थानों, जेल क्वार्टर्स और अतिथि होटल मंडी रोड पर चोरी की कुल सात वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है. इन पकड़े गए आरोपियों मे से 3 नाबालिग हैं.
शौक पूरा करने के लिए करते थे अपराध
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें अच्छी लाइफस्टाइल, महंगे कपड़े पहनना, घूमना-फिरना साथ ही मौज-मस्ती का शौक है और इन्हीं शौक को पूरा करने के लिए वे चोरी करते थे. आरोपियों ने बताया कि वह पहले बंद पड़े कमान की रेकी करते थे और फिर सही मौका देखकर रात के समय ताला तोड़कर घर अंदर घुस जाते थे और चोरी की वारदात को अंजाम देते थे.
सोने के आभूषण किए थे चोरी
आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं, जिनमें मुख्य रूप से चेन, मंगलसूत्र, कान के झुमके, बाली, पायल और करधन जैसे जेवर शामिल हैं. गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपितों में कमलेश उर्फ मंगल चौधरी (पिता हरिराम चौधरी, 19 वर्ष) निवासी करहैया और विशेष उर्फ भोला (पिता तुलसीराम ठाकुर, 19 वर्ष) निवासी ग्राम खमतरा शामिल है.
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