MP News: डिंडोरी में खुले बोरवेल में फंसा 10 साल का मासूम, ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान
डिंडोरी में खुले बोरवेल में फंसा 10 साल का मासूम
रिपोर्ट – अनिल साहू, डिंडोरी
MP News: मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. करंजिया ब्लॉक के झनकी गांव में एक 10 वर्षीय मासूम बच्चा सूखे और खुले पड़े बोरवेल में गिरकर फंस गया. काफी देर तक बच्चा बोरवेल के अंदर फंसा रहा, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता और कड़ी मशक्कत के चलते उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हादसे में बच्चे को मामूली चोटें आई हैं.
सड़क किनारे खुले बोरवेल में फंसा था मासूम
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, झनकी गांव में सड़क किनारे स्थित एक पुराने बोरवेल में शिवम नाम के बच्चे की कुदाल गिर गई थी. कुदाल निकालने के प्रयास में बच्चे का अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे बोरवेल में जा गिरा. बच्चा काफी समय तक बोरवेल में फंसा रहा.
इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक बच्चे की साइकिल की चेन उतर गई. जब वह बच्चा साइकिल ठीक कर रहा था, तभी उसकी नजर बोरवेल में फंसे शिवम पर पड़ी. इसके बाद उसने तुरंत गांव वालों को सूचना दी. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे. थानसिंह कुंजाम समेत अन्य ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करते हुए बच्चे का सुरक्षित रेस्क्यू किया.
तीन घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया बच्चा
ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना के बाद गांव वालों ने खुले पड़े बोरवेल को मिट्टी और पत्थरों से भरकर पूरी तरह बंद कर दिया. वहीं ग्रामीणों ने इस मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
PHE विभाग के दावे पर उठे सवाल
PHE विभाग के अनुसार, यह बोरवेल नल-जल योजना के तहत वर्ष 2023 में कराया गया था, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण फरवरी 2024 में इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया था. अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि यदि बोरवेल बंद कर दिया गया था, तो उसे दोबारा किसने खोला और इसकी जिम्मेदारी किसकी है.
घटना के बाद प्रशासन और विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि खुले पड़े बोरवेल भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
ये भी पढे़ं- MP की 25 परसेंट आबादी ‘साइलेंट किलर’ का शिकार, हर चौथा व्यक्ति हाई BP का मरीज; मोबाइल की लत बड़ी वजह