मऊगंज कलेक्ट्रेट वारांव मोड़ चौराहे पर हर दिन मौत का खेल! दावा- 3 साल में 40 मौतें, फ्लाईओवर की मांग तेज

MP News: तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर, अनियंत्रित ट्रैफिक और सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी के चलते यह चौराहा अब “ब्लैक स्पॉट” के रूप में बदनाम हो चुका है.
Mauganj Collectorate, Barav Mod Intersection

मऊगंज कलेक्ट्रेट बरांव मोड़ चौराहा

MP News: मऊगंज जिले के कलेक्ट्रेट के पास स्थित NH-135 का बरांव मोड़ चौराहा अब लोगों के लिए दहशत और मौत का पर्याय बनता जा रहा है. यहां आए दिन हो रहे सड़क हादसों ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर, अनियंत्रित ट्रैफिक और सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी के चलते यह चौराहा अब “ब्लैक स्पॉट” के रूप में बदनाम हो चुका है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से गुजरना मतलब जान हथेली पर लेकर चलना है.

30 से 40 लोगों की मौत का दावा

समाजसेवी एवं इंजीनियर विनीत मिश्रा ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर प्रशासन को झकझोरने की कोशिश की है. उन्होंने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में दावा किया है कि बीते तीन वर्षों में बरांव मोड़ पर लगभग 30 से 40 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं तो लगभग रोज की बात बन चुकी हैं. हादसों में कई परिवार उजड़ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है.

प्रशासनिक कार्यालयों और हेलीपैड को जोड़ने वाला रास्‍ता

बताया जा रहा है कि यह चौराहा मऊगंज कलेक्ट्रेट, प्रशासनिक कार्यालयों, हेलीपैड और ग्रामीण संपर्क मार्गों को जोड़ने वाला प्रमुख केंद्र है. दिनभर यहां भारी ट्रैफिक का दबाव बना रहता है. तेज रफ्तार ट्रक, बसें और कमर्शियल वाहन अचानक कटिंग लेते हुए निकलते हैं, जिससे स्थानीय वाहन चालकों और राहगीरों की जान खतरे में पड़ जाती है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि यहां सुरक्षा के नाम पर कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई नहीं देती. न ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्थित रूप से संचालित हैं, न पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी संकेत बोर्ड.

रास्‍ते से गुजरते हैं भारी वाहन

वहीं प्रत्यक्षदर्शी समाजसेवी बेटा खान ने बताया कि इस चौराहे पर भारी वाहन धड़ल्ले से गुजरते हैं. और यहां से गुजरने वाले लोग सड़क हादसे का शिकार हो जाते हैं कई बार तो मैं अपनी गाड़ी से घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया हु अगर समय रहते इस चौराहे का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में मौतों का आंकड़ा और भयावह हो सकता है.

फ्लाईओवर निर्माण की मांग

इसी को देखते हुए समाजसेवी इंजे. विनीत मिश्रा ने बरांव मोड़ पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग को लेकर विस्तृत प्रस्ताव प्रशासन को सौंपा है. उनका कहना है कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव और लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए फ्लाईओवर ही एकमात्र स्थायी समाधान है. इससे न केवल दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि शहर के यातायात को भी बड़ी राहत मिलेगी.

अब बड़ा सवाल प्रशासन और सरकार के सामने खड़ा हो गया है कि आखिर मऊगंज के इस मौत के मोड़ पर कब तक लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे? क्या सरकार इस गंभीर खतरे को देखते हुए फ्लाईओवर निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएगी, या फिर हादसों के बाद सिर्फ जांच और आश्वासन का सिलसिला ही चलता रहेगा?

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