Mauganj News: डॉक्टर साहब गायब, चेला कर रहा इलाज, मुन्नाभाई MBBS फिल्म जैसी कहानी मऊगंज से आई सामने!

Mauganj News: मध्यप्रदेश के मऊगंज जिला मुख्यालय स्थित सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पर डॉक्टर साहब गायब है लेकिन चेला इलाज कर रहा था.
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सिविल अस्पताल मऊगंज

Mauganj News: मध्यप्रदेश के मऊगंज जिला मुख्यालय स्थित सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. फिल्मों में दिखने वाला ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ अब कथित तौर पर हकीकत बन चुका है. अस्पताल में बिना डिग्री और बिना किसी सरकारी नियुक्ति वाला युवक डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीजों का इलाज करता दिखाई दे रहा है, जबकि असली डॉक्टर साहब निजी प्रैक्टिस में व्यस्त बताए जा रहे हैं. वायरल वीडियो सामने आने के बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में अस्पताल की ओपीडी के अंदर एक युवक डॉक्टर की मुख्य कुर्सी पर बैठा नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि उसका नाम सत्यम पटेल उर्फ ‘चमनलाल’ है. वीडियो में वह मरीजों की नब्ज जांचते, इलाज संबंधी सलाह देते और अस्पताल का पूरा काम संभालते दिखाई दे रहा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना मेडिकल डिग्री और बिना किसी अधिकृत पद के यह युवक अस्पताल में डॉक्टर की भूमिका कैसे निभा रहा था?

सत्यम पटेल डॉक्टर अवनीश कुमार का निजी सहायक

सूत्रों के मुताबिक, सत्यम पटेल डॉक्टर अवनीश कुमार का निजी सहायक बताया जा रहा है. आरोप है कि डॉक्टर साहब सरकारी अस्पताल से ज्यादा अपनी निजी प्रैक्टिस को महत्व दे रहे हैं और अस्पताल की जिम्मेदारी अपने कथित सहायक के भरोसे छोड़ दी गई है. यही वजह है कि सरकारी अस्पताल में मरीजों की जिंदगी के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे. अब वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. गरीब और जरूरतमंद मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वहां अगर कथित तौर पर बिना डिग्री वाले लोग इलाज करेंगे तो मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

मामले ने तूल पकड़ने के बाद लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में केवल लीपापोती करता है या फिर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों पर वास्तव में कोई बड़ी कार्रवाई होती है.

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