भय, पीड़ा और लापरवाही से घिरा दमोह अस्पताल! खौफ में प्रसूताएं, दीवार से कीड़ा निकला तो प्याज ठूंसकर किया बंद

Damoh News: दमोह जिला अस्पताल में लापरवाही और बदइंतजामी देखने को मिल रही है. बच्चों की सुरक्षा को लेकर महिलाएं चिंता में हैं. इसकी बड़ी वजह कीड़े और चूहों का डर है. प्रशासन व्यवस्था के नाम पर लीपापोती करने में लगा हुआ है.
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दमोह: जिला अस्पताल में अव्यवस्था और बेइंतजामी

Damoh News: दमोह के जिला अस्पताल की दुर्दशा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रसूताओं को फर्श पर लेटना पड़ रहा है. बच्चों की सुरक्षा को लेकर महिलाएं चिंता में हैं. इसकी बड़ी वजह कीड़े और चूहों का डर है. प्रशासन व्यवस्था के नाम पर लीपापोती करने में लगा हुआ है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, छतरपुर जिले के बकस्वाहा क्षेत्र के सुनवाही गांव की रहने वाली शीला (24 साल) की दूसरी डिलीवरी हुई. उनके पति अरविंद रजक और परिजनों ने नजदीकी अस्पताल के तौर पर दमोह के जिला हॉस्पिटल लेकर गए. जहां उन्होंने एक लड़के को जन्म दिया. यहां डराने वाली और चौंकाने वाली बात ये है कि उन्हें वार्ड में पलंग नहीं मिला. कैंटीन के सामने मौजूद वार्ड में नवजात बच्चे को फर्श पर ही लिटाना पड़ा.

कीड़े के डर से दीवार के छेद में ठूंसा प्याज

वार्ड में जिस जगह उन्हें जगह मिली थी वहां दीवार में एक छेद था. रात में इस छेद से पटार निकली तो उसे भगाकर प्याज ठूंस दिया गया. अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है. महिला की सास हीराबाई का कहना है कि रात के समय यहां चूहे घूमते हैं. यहां रात भर सो नहीं पाए.

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अस्पताल प्रभारी का क्या कहना है?

जिला अस्पताल प्रभारी प्रबंधक डॉक्टर सुरेंद्र विक्रम सिंह का इस बारे में कहना है कि मरीज ज्यादा आ रहे हैं. डिलीवरी भी नहीं हो पा रही है. पलंग फुल हो जाने के कारण समस्या आ रही है. जैसे ही बेड खाली हो रहे हैं तो व्यवस्था करा दी जाती है. दीवारों के छेद भी बंद करा देते हैं.

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