FSSAI आखिर क्यों देशभर में बैन कर रहा है एनालॉग पनीर? जानिए शरीर पर इसका क्या असर होता है

Analog Paneer: असली पनीर दूध से तैयार किया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर में दूध का इस्तेमाल जरूरी नहीं होता. इसे मुख्य रूप से वनस्पति तेल, फैट, स्टार्च और अलग-अलग तरह के इमल्सीफायर्स जैसी चीजों से तैयार किया जाता है. दखने और छूने में यह असली पनीर जैसा ही लग सकता है.
Analog Paneer

एनालॉग पनीर

Analog Paneer: त्योहारी सीजन के बीच एनालॉग पनीर को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती बढ़ रही है. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई रज्यों में एनालॉग पनीर की बिक्री पर कार्रवाई की जा रही है. अब इसे लेकर देशभर में सख्त नियम लागू करने की तैयारी की जा रही है. ऐसे में जानना जरूरी है कि एनालॉग पनीर क्या होता है, इसे लेकर सरकार क्यों सख्त है और इसका सेवन सेहत के लिए कितना सुरक्षित है.

क्या होता है एनालॉग पनीर?

असली पनीर दूध से तैयार किया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर में दूध का इस्तेमाल जरूरी नहीं होता. इसे मुख्य रूप से वनस्पति तेल, फैट, स्टार्च और अलग-अलग तरह के इमल्सीफायर्स जैसी चीजों से तैयार किया जाता है. दखने और छूने में यह असली पनीर जैसा ही लग सकता है. इसी वजह से कई बार ग्राहक इसे असली पनीर समझकर खरीद लेते हैं. समस्या तब होती है जब इसे ग्राहक को बिना सही जानकारी दिए असली पनीर के नाम पर बेचा जाता है.

FSSAI क्यों कर रहा है बैन?

खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत किसी खाद्य उत्पाद की सही पहचान और जानकारी ग्राहकों को देना जरूरी है. एनलॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचने से ग्राहक के साथ धोखा हो सकता है. ग्राहक को यह पता नहीं चलता कि वह किस तरह का उत्पाद खरीद रहा है. इसी वजह से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से ऐसे मामलों में जांच और कार्रवाई की जा रही है. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकानदार या कारोबारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

सेहत के लिए कितना नुकसानदायक?

एनालॉग पनीर का स्वास्थ्य पर असर इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री पर निर्भर करता है. कुछ उत्पादों में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक हो सकती है. वहीं हाइड्रोजनीकृत तेल या ट्रांस फैट का अधिक सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और हृदय संबंधी जोखिम बधानी से जुड़ा है. इसलिए ऐसे उत्पादों का सेवन करने से पहले उनकी सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी जरूर देखनी चाहिए.

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ग्राहक कैसे रहें सावधान?

अगर कोई दुकानदार एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचता है, तो ग्राहक इसकी शिकायत कर सकते हैं. रेस्टोरेंट में भी ग्राहकों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि किसी डिश में किस तरह का पनीर इस्तेमाल किया गया है. इसलिए पनीर खरीदते समय केवल कीमत और दिखावट पर भरोसा न करें, बल्कि पैकेजिंग और लेबल की जानकारी भी जरूर जांचें.

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