‘प्रदर्शकारियों को रिहा नहीं किया तो…’, CJP प्रोटेस्ट में दिल्ली पुलिस के एक्शन पर सोनम वांगचुक ने दी चेतावनी
CJP प्रोटेस्ट को लेकर सोनम वांगचुक ने दी चेतावनी
Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी. जब सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे तो उन्हें फ्लाइट में हिरासत में ले लिया गया. जिसको लेकर सोनम वांगचुक ने नाराजगी जताई है और देश को इमरजेंसी की स्थिति बताई. इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कल तक उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो मुझे अनशन या पदयात्रा करने पर विचार करना पड़ेगा.
क्या बोले सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक ने चेतावनी देते हुए कहा, “भारत अघोषित इमरजेंसी की स्थिति में है. कल जब मैंने आज के विरोध प्रदर्शन में एकता और शांति की अपील करते हुए एक मैसेज पोस्ट किया था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अघोषित इमरजेंसी की चपेट में होगा. मुझे खुशी थी कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए कई नेता मौजूद थे, लेकिन अब मुझे पता चला है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है. मुझे उम्मीद है कि गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा. अगर कल तक उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो मुझे अनशन या पदयात्रा करने पर विचार करना पड़ेगा.”
INDIA IN A STATE OF UNDECLARED EMERGENCY… Yesterday when I posted a message appealing for unity & peace in today’s protest I had never imagined that the biggest democracy in the world would be under an undeclared EMERGENCY. I was happy there were so many leaders to lead the movement, but I now learn that they have all been arrested. I hope those arrested will be released soon. I will be compelled to consider an Anshan Fast or Padyatra March if they are not released by tomorrow. #JantarMantar #protest #CJP #CEC #sonamwangchuk
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) October 10, 2026
26 दिनों की कर चुके हैं भूख हड़ताल
बता दें, जब सीजेपी ने पहली बार दिल्ली में प्रदर्शन किया था, तो सोनम वांगचुक ही प्रदर्शन को लीड कर रहे थे और उन्होंने करीब 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. आखिर में जब सरकार ने उनकी बातों को स्वीकार कर लिया तो उन्होंने अनशन खत्म कर दिया. लेकिन इस बार उन्होंने सीजेपी के प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी. लेकिन आज शनिवार को सीजेपी को लेकर उनके तेवर बदले नजर आए और उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर नरमी नहीं दिखाई तो फिर मुझे मजबूरी में प्रदर्शन करने के लिए विचार करना ही पडे़गा.
हिरासत में लिए जाने के बाद बोले वांगचुक
बता दें, सीजेपी ने दिल्ली में 10 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ धरना प्रदर्शन का ऐलान किया था. जिसमें हजारों की तादात में लोगों के शामिल होने की संभावना था. लेकिन प्रशासन ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी. इसके बावजूद सीजेपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचने वाले थे. दिल्ली पुलिस ने इस दौरान हजारों कार्यकर्ताओं और सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.