पुलिस की जांच में अब तक 50 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है. कार्रवाई में 22 एटीएम और एक नकली पिस्टल बरामद हुई है.
Ambikapur: अंबिकापुर में हुए निर्भया कांड के आरोपी की गिरफ्तारी घटना के सात दिन बाद भी नहीं हो सकी है. दूसरी तरफ सरगुजा पुलिस लगातार आरोपों की गिरफ्तारी के लिए हर जतन कर रही है. अब सरगुजा पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस की आधा दर्जन से अधिक टीम सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है.
Ambikapur: अंबिकापुर में आज मुख्यमंत्री के द्वारा चंद्रशेखर आजाद और भाजपा के नेता स्वर्गीय रवि शंकर त्रिपाठी की प्रतिमा का अनावरण किया जाना था, लेकिन इससे पहले युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विकल झा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ रात में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण कर दिया.
Surguja: सरगुजा में निजी स्कूल संचालकों की मनमानी सामने आई है. जहां बच्चों की किताबें और ड्रेस चुनिंदा दुकानों से ही खरीदने के लिए पालकों पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है. इस बीच सरगुजा DEO दिनेश झा का हैरान करने वाला फरमान सामने आया.
CG News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर ने भारी तबाही मचाई है. नारधा-मुडपार गांव स्थित एक सूअर फार्म में इस खतरनाक वायरस के कारण 300 से अधिक सूअरों की मौत हो गई.
Ambikapur News: अंबिकापुर के रिंग रोड में 55 साल की महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है. चार दिन बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है और पूरा मामला राजनीतिक रूप ले चुका है.
Ambikapur: नेशनल हाईवे 130 में बीती रात स्कॉर्पियो वाहन के द्वारा तीन महिलाओं को कुचल देने की घटना के बाद आज दोपहर लोगों ने सड़क को जाम कर दिया. लोगों ने हाईवे में टायर जलाकर प्रदर्शन किया.
घटना की जानकारी मिलते ही मणिपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, इसके बाद लोगों को समझाने की कोशिश हुई, लेकिन लोग भड़के हुए हैं और सड़क जाम है. मौके पर तहसीलदार भी पहुंचे हैं.
Ambikapur: अंबिकापुर में दिल्ली जैसे निर्भया हत्याकांड के मामले ने सबको झकझोर कर रख दिया है. वहीं अब इस मामले में नया अपडेट सामने आया है. वारदात का मुख्य आरोपी मिथुन उर्फ पंडा को अंबिकापुर रेलवे स्टेशन में घूमता हुआ देखा गया है.
CG News: हमाम ने कहा, “मेरे बड़े भाई भी पहलवान थे और राज्य स्तर पर खेल चुके हैं. पिता के निधन के बाद सारी जिम्मेदारी हम पर आ गई. मेरे भाई को कुश्ती छोड़नी पड़ी और उन्होंने दूध बेचना शुरू कर दिया. मैं भी उनके साथ दूध देने जाता था क्योंकि परिवार चलाना जरूरी था. लेकिन मेरे भाई ने मुझे हमेशा कुश्ती जारी रखने के लिए प्रेरित किया और मुझे दंगलों में लेकर जाते थे.”