Morena News: ग्रामीणों ने बताया कि तूफान इतना भीषण था कि क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए. विद्युत विभाग के कई पोल धराशायी हो गए और अनेक घरों की टीन की छतें उड़ गईं. इससे कई गांवों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
MP News: घटना के वक्त राघौगढ़ से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह गुजर रहे थे. उन्होंने जैन को अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार और जरूरी जांचें की गई. जहां डॉक्टर की निगरानी में उनका इलाज जारी है.
Ken-Betwa Pariyojana Prabhavit Villagers: केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोगों को अब घर खाली करने का दबाव झेलना पड़ रहा है. लेकिन बसने की जगह अब भी अधूरी है. यही वजह है कि लोग खुद झोपड़ियां बनाकर नए ठिकाने की तैयारी कर रहे हैं.
Missing Gujarat Man Found Sagar Ashram: तीन साल पहले लावारिस हालत में मिला बच्चा सागर के आश्रम में ‘राम’ बनकर बड़ा हुआ. अब पुलिस की जांच में उसकी पहचान गुजरात के ‘रहीम’ के रूप में हुई है और परिवार उसे लेने पहुंच रहा है.
Seoni News: सहायक संचालक पवन कुमार कौरव किसान बनकर साहू कृषि केंद्र पहुंचे. यहां दुकान संचालक अमित साहू ने डीएपी खाद की एक बोरी की कीमत 2400 रुपये बताई. कौरव ने दो बोरियों के लिए 4800 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया. इसके बाद उन्हें खाद गोदाम से लेने के लिए कहा गया.
Sonia Gandhi Offer: ममता बनर्जी इस समय अपने ही नेताओं के रवैये के कारण खासी परेशान हैं. इन सब के बीच कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने उन्हें बड़ा ऑफर दिया है. इसमें उन्होंने पार्टी का विलय कांग्रेस में करने की बात कही है.
MP News: नगर निगम मुख्यालय के ठीक पीछे स्थित यह पार्क वर्षों से उपेक्षा और अतिक्रमण का शिकार है. हालात यह हैं कि पार्क के दोनों प्रवेश द्वारों पर ताले लटके हुए हैं.
Jitendra Krishna Verma: पायलट जितेंद्र वर्मा को नौकरी, घर और बच्चों से एक आरोप की वजह से दूर होना पड़ा है. इस आरोप के खिलाफ उन्होंने 15 साल लड़ाई लड़ी और अब जाकर उनके पक्ष में फैसला आया है.
Mamata TMC Another Big Setback: ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है. सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है. यह राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है.
Congress MP Rajya Sabha Nomination Cancelled: मध्य प्रदेश कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया गया है. ऐसे में हम समझते हैं कि अब उनके पास कौन-कौन से विकल्प बचे हैं और कौन सी प्रक्रिया सबसे आसान और जल्द निराकरण दिला सकती है.