Ambikapur: इससे पहले SSP राजेश अग्रवाल ने सुबह सपरिवार लमगांव स्थित हनुमान मंदिर और मां महामाया मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया. इसके बाद उन्होंने दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचकर अपना जन्मदिन मनाया.
शिक्षिका संध्या बताती हैं कि वह अपनी स्कूटर को मरना इलाके में खड़ा करती हैं. इसके बाद करीब 3 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है. रास्ता पथरीला और ऊबड़-खाबड़ है. लेकिन असली चुनौती इसके बाद शुरू होती है. नदी सामने होती है.
CG News: घटना के बाद आरक्षक की ब्रेथ एनालाइजर से जांच कराई गई, जिसमें शरीर में 388 MG एल्कोहल कंटेंट पाए जाने का उल्लेख विभागीय प्रेस विज्ञप्ति में किया गया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई की.
Ambikapur: पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विधायक ने एक और बड़ा ऐलान किया है. मैनपाट के पर्यटन स्थलों तक जाने वाली सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में शौचालय और यात्री प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे.
Surajpur: IPS अधिकारी के पिता बैंक से पैसा निकालकर बाइक की डिक्की में रख रहे थे. उसी दौरान बदमाश उनसे 2 लाख रुपए छीनकर फरार हो गए. घटना की रिपोर्ट प्रतापपुर थाने में दर्ज की गई है और पुलिस जांच में जुट गई है.
Surguja: रकम लेने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो प्रार्थिया ने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे. आरोप है कि आरोपी ने रकम लौटाने के बजाय गाली-गलौज करते हुए मारपीट की धमकी दी और लगातार टालमटोल करता रहा.
Surajpur:पुलिस के अनुसार रामकुमार सिंह गोंड़ ने करीब डेढ़ दशक पहले अपनी पत्नी और अपनी मां की हत्या कर दी थी. इस मामले में सजा काटने के बाद वह पिछले 3-4 साल से अपने बेटे बसंत और बेटी के साथ गांव में रह रहा था..
Surajpur: सूरजपुर कोतवाली थाना क्षेत्र में परिजनों के यहां रहने वाली नाबालिग लड़की अपने पिता के घर रामानुजनगर थाना क्षेत्र में जा रही थी. वापसी के दौरान, आटो का किराया नहीं देने पर आटो चालक ने उसका बैग रख लिया था.
Ambikapur: आदिम जाति कल्याण विभाग ने गोविंदपुर और तिरंग के पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों के लिए मरम्मत कार्य का टेंडर जारी किया है. टेंडर खोलने की तारीख पहले 15 सितंबर निर्धारित थी, जिसे आगे बढ़ाकर अब 22 सितंबर किया गया है.
Ambikapur: सिविल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थ हैं, लेकिन इनमें से 4 डॉक्टरों को दूसरे स्थानों पर अटैच किया गया है. ऐसे में अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं.