Mauganj: जनसुनवाई में एक बार फिर आवेदकों को तत्काल समाधान मिला है. कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जनसुनवाई में पहुंचे दिव्यांग को ट्राई साइकिल दिलवाई है.
सोमवार को समक्ष पिता रघुवीर सोनगरा को गर्दन में दर्द के इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था. इमरजेंसी में इंजेक्शन लगाने के दौरान नीडल का करीब 4 से 5 सेंटीमीटर हिस्सा उसके कूल्हे के अंदर चला गया.
पुलिस का कहना है कि महिला खतरे से बाहर है. आरोपी गजेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है. जल्द ही उसकी गिरफ्तारी हो जाएगी.
सिवनी जिले में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
रेलवे पुलिस ने फौरन ही स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए. आसपास के लोगों से पूछताछ की. पुलिस को मिली जानकारी के बाद ट्रेन में ही बैग के होने की सूचना मिली. जिसके बाद फौरन जीपीएस के जरिए ट्रेन की लोकेशन को ट्रेस किया गया और थोड़ी दूर पर ही ट्रेन को रुकवाकर 3 घंटे में ही बैग को बरामद कर लिया गया.
15 साल पहले घर से बिछड़ा बेटा, जिसे परिवार ने लगभग खो दिया था, आखिरकार वापस अपने आंगन लौट आया. तमिलनाडु से आई एक चिट्ठी ने बुझ चुकी उम्मीदों में फिर से रोशनी भर दी और बालाघाट पुलिस की संवेदनशील पहल ने एक मां की सूनी गोद और पिता के सूने आंगन में खुशियां लौटा दीं.
विपिन ने कहा, 'सोनम एक नंबर की झूठी है. मैंने कहा था कि सोनम नेपाल चली गई है. इसका कारण ये है कि सोनम की जमानत के खिलाफ शिलॉन्ग पुलिस ने कोर्ट में याचिका दी है. लेकिन सोनम कोर्ट में सुनवाई पर नहीं पहुंच रही थी. अगर मैंने उस वक्त गलत कहा था कि सोनम शिलॉन्ग में नहीं है तो सोनम को उसी वक्त सामने आना चाहिए था.'
5 दिवसीयी विधानसभा सत्र को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसमें कई अहम विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे. बताया जा रहा है कि 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश हो सकता है.
एक आदेश, 18 तबादले और पूरे जिले में चर्चा का तूफान सा आ गया है. यह प्रशासनिक सर्जरी आने वाले दिनों में कानून व्यवस्था पर कितना असर डालती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर पिछले 7 सालों से मामला सुलझ नहीं पा रहा है. दरअसल कांग्रेस की कलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण की सीमा 14 परसेंट से बढ़ाकर 27 परसेंट कर दी थी. लेकिन इस आरक्षण के साथ ही राज्य में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत के पार हो गया. जिसके खिलाफ कोर्ट में याचिकाएं दी गई हैं.