Raipur Cyber Thagi: आरोपियों ने कहा कि रकम का मिलान करने के लिए उन्हें अपने खाते से पैसे जमा करने होंगे. ऐसा नहीं करने पर सीबीआई की कार्रवाई और परिवार को गिरफ्तार कर उठा ले जाने की धमकी दी गई.
Chirag Paswan LJP Chhattisgarh:चिराग पासवान ने कहा कि छत्तीसगढ़ उन राज्यों में शामिल है, जहां उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. रामविलास पासवान के समर्थक बड़ी संख्या में रहे हैं. इसी जनाधार को आधार बनाकर पार्टी अब राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशेगी.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव महाराष्ट्र के बीड में आयोजित अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक और सामान्य सभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.
Dhamtari: बहू बार-बार मायके चली जाती थी और कथित तौर पर पति से तलाक की मांग करती थी. पिता का आरोप है कि दोबारा साथ रहने के लिए करीब 25 लाख रुपये की मांग की जाती थी. बहू पिछले करीब 9 महीनों से अपने मायके में रह रही थी.
CG News: वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा में छेड़छाड़ और लव जिहाद जैसे मामले सामने आते हैं, इसलिए नाम बदलकर गरबा में शामिल होने वालों के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए.
CG Ration News: अगर कोई दुकानदार चावल देने से मना करते हैं तो, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहां, जो हितग्राही को हर हाल में दोनों महीने यानी कि सितंबर और अक्टूबर का चावल देना भी सरकार द्वारा अनिवार्य कराया गया है.
CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सिंगापुर दौरे पर हैं. वे यहां राज्य में निवेश की नई संभावनाओं को विस्तार देने के लिए पहुंचे हैं. सीएम उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे. सिंगापुर पहुंचने पर उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया.
रायपुर. खमतराई थाना क्षेत्र से एक व्यक्ति के अपहरण की सूचना मिलने के बाद रायपुर पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर मामले की कड़ी जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा क्षेत्र से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया.
Raipur News: रायपुर. केंद्रीय जेल रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण करते हुए करीब चार घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया. सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले अभियान में जेल की विभिन्न बैरकों के साथ परिसर में भी जांच की गई.
डॉक्टरों के स्टाइपेंड और मानदेय-वेतन में बढ़ोतरी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा कथित शासकीय आदेश फर्जी है. चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसका खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित दस्तावेज विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है.