Hans Mahapurush Rajyog 2026: ज्योतिष के अनुसार, उच्च राशि में आने पर गुरु का प्रभाव काफी मजबूत हो जाता है. इस दौरान ग्रहों की विशेष स्थिति से हंस महापुरुष राजयोग बनेगा. पंच महापुरुष योगों में शामिल यह योग बेहद शुभ माना जाता है.
Blue Moon May 2026: दरअसल, जब एक ही अंग्रेजी महीने में दो बार पूर्णिमा आती है, तो दूसरी पूर्णिमा को 'ब्लू मून' कहते हैं. इस बार इस दिन चंद्रमा वृश्चिक (स्कॉर्पियो) राशि में रहेगा, इसलिए इसे यह नाम मिला है.
Adhik Maas Purnima Remedies: अधिक मास हर तीन साल में एक बार आता है और इसे भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना जाता है. इस महीने में आने वाली पूर्णिमा पर लक्ष्मी-नारायण की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इससे धन संबंधी परेशानियां कम होती हैं और घर में बरकत बनी रहती है.
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में ऐसे कई आसान और पुराने उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सकता है और सुख-शांति लाई जा सकती है. अगर आप भी अपने घर में खुशहाली, शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहते हैं, तो इन पारंपरिक वास्तु उपायों को जरूर अपनाएं.
Ketu Nakshatra Gochar: वैदिक ज्योतिष में केतु को छाया ग्रह कहा जाता है. यह ग्रह जीवन में अचानक परिवर्तन, मानसिक उलझन और अस्थिरता पैदा करने वाला माना जाता है. केतु का प्रभाव कई बार इंसान के रिश्तों, सोच और कामकाज में उतार-चढ़ाव ला सकता है.
Hanuman Ashtak Path: हनुमान अष्टक का नियमित पाठ करने से कर्ज, शत्रु बाधा और जीवन की कई परेशानियों से राहत मिलती है. कहा जाता है कि इसका सच्चे मन से पाठ करने पर व्यक्ति की समस्याएं धीरे-धीरे अपने आप समाप्त होने लगती हैं.
Guru Gochar 2026: ज्योतिषियों का कहना है कि जून में ग्रहों की यह चाल कई राशियों के लिए शुभ साबित हो सकती है. इससे लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ेगी. नौकरी, व्यापार और धन के मामलों में अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं.
June Pradosh Vrat Date: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्र प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशियां प्राप्त होती हैं. माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती और जीवन में सुख बना रहता है.
Bada Mangal Hanuman Puja: मान्यताओं के अनुसार, चौथे बड़े मंगल का यह पर्व बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह दिन भगवान हनुमान को समर्पित होता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, त्रेतायुग में ज्येष्ठ महीने के मंगलवार के दिन ही भगवान राम और पवनपुत्र हनुमान की पहली मुलाकात हुई थी.
Padmini Ekadashi 2026: मान्यता है कि अधिकमास में आने वाली एकादशी का पुण्य सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा मिलता है. अधिक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पद्मिनी एकादशी या कमला एकादशी कहा जाता है.