राजधानी भोपाल में 30 हजार से भी ज्यादा दुकानें बंद हो सकती हैं. भोपाल नगर निगम दुकानें बंद को लेकर बड़ा एक्शन लेने वाला है, जिससे व्यापारियों की टेंशन भी बढ़ गई है.
देशभर में अवैध कोयला कारोबारियों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. हाल ही में ऐसे ही एक अवैध कोयला कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है, जहां झारखंड के कोयला कारोबारी लालबाबू सिंह और अनिल गोयल के ठिकानों पर ED ने कार्रवाई की है
इस बार का दतिया उपचुनाव देशभर में चर्चा का विषय बना रहा, क्योंकि बीजेपी ने पार्टी की तरफ से नरोत्तम मिश्रा का नाम काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया. सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारकर जमकर चुनाव प्रचार किया. वहीं कल दतिया उपचुनाव के लिए वोटिंग भी हो चुकी है. अब देखना यह होगा कि इस बार दतिया की जनता किस पार्टी को विजयी बनाती है.
नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों को रील्स और इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहने का आदेश दिया था. आइए जानते हैं कि क्या सच में नेता रील्स बना रहे हैं या नहीं.
मंडी लोकसभा सीट से सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत आए दिन किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहती हैं. हाल ही में Gen-Z ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. वहीं अब ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि Gen-Z अब कंगना रनौत के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले हैं.
छत्तीसगढ़ में इन दिनों बिजली बिल को लेकर खूब चर्चाएं हो रही हैं. अब राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिसके तहत आने वाले नए महीने अगस्त से बिजली बिल में कमी देखने को मिलेगी.
दतिया उपचुनाव की चर्चा देशभर में हो रही है. इसे लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियां चुनावी मैदान में उतरीं. वहीं अब दतिया उपचुनाव को लेकर चल रहा चुनाव-प्रचार अब रुक चुका है. अब दतिया में उपचुनाव होना है, जहां जनता की बारी है कि वह इस बार किस पार्टी और शख्स को चुनती है.
दतिया विधानसभा उपचुनाव का चुनावी शोर अब थम चुका है. कई दिनों तक चली रैलियों, रोड शो, जनसभाओं और आरोप-प्रत्यारोप के बाद अब फैसला मतदाताओं के हाथ में है. भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी.
CG News: छत्तीसगढ़ में अगस्त से बिजली बिल कम आने लगेगा.
मध्य प्रदेश के रीवा संभाग से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मानसून के इस मौसम में मूसलाधार बारिश के कारण रीवा के इस गांव के सभी नदी-नाले उफान पर हैं. इस गांव में प्रशासन की तरफ से पुल का निर्माण नहीं कराया गया है, जिस वजह से गांव वाले मिलकर बांस की लकड़ी से पुल बनाकर आना-जाना कर रहे हैं. यह लापरवाही प्रशासन पर सवाल खड़े कर रही है.