बस्तर दशहरा में बड़ा हादसा टला, फूल रथ बिजली के पोल से टकराया, बाल-बाल बचे श्रद्धालु
बस्तर
Jagdalpur Bastar Dussehra: विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में फूल रथ परिक्रमा के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. विशालकाय रथ को खींचने के दौरान रथ सीधे बिजली के खंभे से जा टकराया. हादसे के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण बिजली के पोल के नीचे ही मौजूद थे. रथ से टकराने के बाद बिजली का पोल भीड़ में जा गिरा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. लोग इधर-उधर भागने लगे.
बाल-बाल टला बड़ा हादसा
गनीमत रही कि कोई भी बिजली के तार की चपेट में नहीं आया और एक बड़ा हादसा टल गया. इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और बिजली विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस हादसे में सीएसईबी विभाग की लापरवाही भी सामने आई है. रथ परिक्रमा के दौरान इलाके में सीएसईबी विभाग ने ब्लैकआउट नहीं किया था, जिसके चलते बिजली के तार में करंट दौड़ रहा था. यदि पोल गिरने के बाद तार किसी व्यक्ति के संपर्क में आ जाता, तो जानलेवा हादसा हो सकता था. स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है.
सप्तमी तक परिक्रमा कराई जाती है
दरअसल, बस्तर दशहरा के दौरान नवरात्रि के दूसरे दिन से सप्तमी तक दंतेश्वरी मंदिर परिसर में फूल रथ की परिक्रमा कराई जाती है. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. इस रथ को करीब 200 की संख्या में ग्रामीण मिलकर खींचते हैं. इस रथ में दंतेश्वरी माई के छत्र को रथारूढ़ कर परिक्रमा लगाई जाती है. रथ परिक्रमा को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. पूरा मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय हो जाता है.
बस्तर दशहरा को विश्व प्रसिद्ध माना जाता है और इसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं. प्रशासन और विभाग हर साल इसके आयोजन पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता. करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी अब तक विभाग ने इस इलाके में अंडरग्राउंड बिजली नहीं कराई है. इसी वजह से हर साल रथ परिक्रमा के दौरान बिजली के खंभे और तार खतरा बने रहते हैं. इस बार भी यही हुआ. रथ के खंभे से टकराते ही पोल गिर पड़ा.