बिहार में लालू परिवार की सुरक्षा को लेकर सियासी घमासान तेज! तेजस्वी ने भी लौटाई Y+ सिक्योरिटी, डंडे लेकर खड़े हुए कार्यकर्ता

Bihar Politics on Security: बिहार की राजनीति में इन दिनों लालू यादव का परिवार चर्चा में बना हुआ है. इसके पीछे की वजह सिक्योरिटी है. सरकार के फैसले के बाद लालू परिवार इसका विरोध कर रहा है.
सुरक्षा पर ब‍िहार में सियासत जारी

सुरक्षा पर ब‍िहार में सियासत जारी

Bihar Politics on Security: ब‍िहार में बंगले से शुरू हुआ व‍िवाद अब सिक्योरिटी पर आ गया है. लालू यादव का पर‍िवार सुरक्षा व्‍यवस्‍था को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने शनिवार सुबह अपने आवास से सारी सुरक्षा हटा दी है. बंगले के बाहर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को भी लौटा दिया है. यह पूरा व‍िवाद 4 जून को हुई राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए फैसले के बाद शुरू हुआ. बैठक में तय हुआ था कि लालू यादव और उनके पर‍िवार की सुरक्षा में बदलाव किया जाए.

बिहार में सुरक्षा कटौती का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लालू परिवार और राज्य सरकार के बीच सरकारी आवास को लेकर विवाद चल रहा है. सरकार के इस फैसले के विरोध में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा लौटा द‍ी है.

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

हाल ही में बिहार सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिली Z+ श्रेणी की सुरक्षा की समीक्षा की थी. इसके बाद दोनों नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती किए जाने की खबर सामने आई. इस फैसले को लेकर सरकार का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और तय मानकों के आधार पर यह फैसला लिया गया है. इसके बाद ही सुरक्षा में कटौती का फैसला लिया गया है.

हालांकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस कदम को सामान्य प्रशासनिक निर्णय मानने से इनकार कर दिया है. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष के प्रमुख चेहरों को निशाना बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है. इसके बाद से ही सियासी सरगर्मी तेज हो चली है.

लालू और राबड़ी ने लौटाई सुरक्षा

सुरक्षा में कटौती के विरोध में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया है. राबड़ी आवास पर तैनात पुलिस के जवानों को भी वापस लौटा दिया गया है. वहां इस समय आरजेडी के कार्यकर्ता ही डंडा लिए खड़े हुए हैं. RJD का कहना है कि जब पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी जा रही तो ऐसी व्यवस्था रखने का कोई मतलब नहीं है.

तेजस्वी यादव ने क्यों लिया बड़ा फैसला?

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ सुरक्षा वापस करने की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि यदि उनके माता-पिता की सुरक्षा कम की जा सकती है तो उन्हें भी विशेष सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है.

RJD इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है. पार्टी नेताओं का आरोप है कि विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.

दूसरी ओर BJP और सत्तारूढ़ गठबंधन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था कोई राजनीतिक विशेषाधिकार नहीं है. सरकार का दावा है कि सुरक्षा श्रेणियां समय-समय पर समीक्षा के बाद तय की जाती हैं और इसमें राजनीति नहीं देखी जानी चाहिए.

तेजप्रताप की भी घटाई गई सुरक्षा

सरकारी आदेश के तहत पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक तेज प्रताप यादव की ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है. अब उन्हें पूर्व विधायक होने के नाते एक अंगरक्षक उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि सांसद मीसा भारती और तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव की सुरक्षा व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया.

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