‘हार की बौखलाहट में ECI पर सवाल उठा रहा विपक्ष’, SIR-चुनाव आयोग विवाद पर BJP का वार

BJP Counter Attack ECI: संबित पात्रा ने कहा कि विपक्षी दल हार की बौखलाहट में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं. 'वोट चोरी' का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं.
BJP MP Sambit Patra

भाजपा सांसद संबित पात्रा

SIR Controversy Political Attack: भारतीय जनता पार्टी ने SIR प्रोसेस में गड़बड़ियों पर दो चुनाव आयुक्तों (ECs) की आपत्ति वाली रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने प्रेसवार्ता कर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि मैं बताऊंगा कि कौन-कौन से चुनाव आयुक्त बाद में कांग्रेस के मंत्री बने, कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े या कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए. पढ़ें संबित पात्रा ने क्या कहा?

संबित पात्रा ने कहा कि विपक्षी दल हार की बौखलाहट में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं. वोट चोरी का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं. अगर तीनों चुनाव आयुक्त आपस में बातचीत नहीं करते, विचारों का आदान-प्रदान या सलाह-मशविरा नहीं करते और बस हर बात पर सहमत हो जाते हैं, तो विपक्षी पार्टियां इसे तानाशाही कहती हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों चुनाव आयुक्त के बीच 14 बार पत्र-व्यवहार और आधिकारिक बातचीत हुई है. चुनाव आयोग ने अपने दस्तावेज के पहले ही पैराग्राफ में बहुत साफ तौर पर कहा है कि सभी आधिकारिक लोकतांत्रिक विचार-विमर्श के बाद, अंतिम नतीजा यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) सर्वसम्मति से हासिल किया गया है.

10 सालों के चुनावी नतीजे दिखाने को तैयारः संबित पात्रा

उन्होंने आगे कहा, मैं 2014 से लेकर 2024 तक के चुनावी नतीजे दिखाने के लिए तैयार हूं, ताकि पता चल सके कि चुनाव प्रक्रिया बहुत आसानी से चली है. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के जमाने की चुनावी गड़बड़ी को लेकर बात की और कहा कि आपके साथ नवीन चावला की कहानी साझा करना चाहता हूं. सोनिया गांधी ने 2005 में ने नवीन चावला को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया था. सोनिया के पास क्या अधिकार था? कांग्रेस पार्टी ने नवीन चावला को 2009 के लोकसभा चुनावों की जिम्मेदारी सौंपी और पार्टी जीती. साल 2023 तक चुनाव आयुक्त सीधे प्रधानमंत्री नियुक्त करते थे, लेकिन आज ऐसा नहीं है. समिति तय करती है और उसमें नेता विपक्ष भी शामिल होते हैं.

SIR को लेकर क्या बोले संबित पात्रा?

संबित पात्रा ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई, 2026 को SIR को लेकर अपना अंतिम फैसला सुनाया, जिसमें सीधे तौर पर SIR की वैधता को बरकरार रखा. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को SIR, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं है, तो उन लोगों को भरोसा करना होगा.

विपक्ष पर जमकर बरसे संबित पात्रा

उन्होंने कहा, ‘पूरा देश देख रहा है कि असल में देशद्रोह कौन कर रहा है. देशद्रोह क्या है? देशद्रोह तब होता है जब आप विदेश जाकर अपने देश के सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, प्रधानमंत्री और सभी संस्थाओं का अपमान करते हैं. राहुल गांधी कौन होते हैं जो पश्चिम जाकर अमेरिका और यूरोप के देशों से हमारे देश की डेमोक्रेसी को बहाल करने के लिए दखल देने को कहते हैं? इससे बड़ा देशद्रोह क्या हो सकता है? एक देशद्रोही को किसी और को देशद्रोही कहने का कोई हक नहीं है.’

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संबित पात्रा ने प्रेसवार्ता कर स्पष्ट किया कि हम किसी खास व्यक्ति को बचाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. हम भारत के लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. हम भारत की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ फैलाए जा रहे गलत प्रचार का मुकाबला करने की कोशिश कर रहे हैं. ये लोग पहले ही सुप्रीम कोर्ट जा चुके हैं और किसी ने उन्हें रोका नहीं है. जहां तक ​​महाभियोग या संसद में मुद्दा उठाने की बात है, तो मैं चुनौती देता हूं. बस एक खाली कागज ले आइए, मैं उस पर साइन कर दूंगा. जब शीतकालीन सत्र शुरू होगा, तो वे सत्र को एक दिन भी नहीं चलने देंगे. आप उन्हें बाहर खड़े होकर भारी हंगामा करते और नारे लगाते हुए देखेंगे.

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