Delhi Restaurant fire Cause: दिल्ली के रेस्टोरेंट में कैसे लगी आग, फायर NOC समेत क्या-क्या पाई गईं खामियां?

Delhi Restaurant fire Cause: मालवीय नगर के इस होटल में 6 कमरों की अनुमति थी लेकिन बिल्डिंग मालिक ने 25 कमरे बना रखे थे. यहां जानें क्या-क्या खामियां पाई गईं?
Delhi Restaurant fire Cause

दिल्ली के जिस रेस्टोरेंट में लगी आग, उसमें कई खामियां पाई गईं.

Major Safety Lapses Found: दिल्ली के मालवीय नगर में आज बुधवार को एक रेस्टोरेंट में आग लगने से 21 लोग काल के गाल समा गए. इस दौरान कुछ लोगों ने बिल्डिंग में आग लगने के बाद छलांग लगाकर अपनी जान बचाई, तो कई लोगों ने दम तोड़ दिया. जबकि कई लोग अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है. हादसे को लेकर पीएम मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने दुख जताया है. रेस्टोरेंट में आग कैसे लगी और क्या खामियां पाई गईं. यहां जानें.

इस हादसे को लेकर मैक्स हेल्थकेयर के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप बुधिरजा ने बताया कि 8 घायल वेंटिलेटर पर हैं, उनका इलाज चल रहा है. इसमें ज्यादातर मरीजों को स्मॉग की वजह से लंग्स में इंजरी हुई है. जबकि 5 लोगों को नार्मल चोटें आई थी. जिन्हें इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है. वहीं इस मामले को लेकर मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक 47 लोगों का रेस्क्यू किया गया है और 21 लोगों की मौत हो चुकी है.

आग लगने की क्या है वजह?

दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने लापरवाही बरतने के आरोप में बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं. वहीं आग लगने की वजह का भले ही अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. लेकिन रेस्टोरेंट के शेफ ने बड़ा खुलासा किया है. शेफ का कहना है कि अचानक से इलेक्ट्रानिक चूल्हा ब्लास्ट हो गया, जिसकी वजह से आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया.

ये भी पढ़ेंः सड़कों पर बिछाए गद्दे, जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदे लोग, 21 की मौत, चश्मदीद ने क्या बताया?

क्या पाई गईं खामियां?

आग लगने की घटना के बाद प्रशासन ने जब जांच की तो पता चला कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में सिर्फ 1 ही सीढ़ी है. अलग से कोई इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं था. सभी खिड़कियां सील थी, जिसकी वजह से धुआं बाहर नहीं निकल सका. भवन में फायर प्रोटेक्शन सिस्टम नहीं मिला. इसके अलावा जो सबसे बड़ी कमी पाई गई, कि 6 कमरों की अनुमति पर लगभग 25 कमरे चलाए जा रहे थे. इन सभी कमियों को देखते हुए लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए.

ज़रूर पढ़ें