बाबरी मस्जिद की ‘नींव’ रखने वाले विधायक हुमायूं कबीर का राजनीति से मोहभंग, रोते हुए बोले- संन्यास लेंगे
हुमायूं कबीर राजनीति से संन्यास लेने की बात कही है.
Babri Masjid Foundation MLA: पश्चिम बंगाल की नौदा सीट से विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब तक सीएम सुवेंदु अधिकारी पद पर रहेंगे, वे विधानसभा नहीं जाएंगे और इस दौरान उन्होंने अपने फैसले के लिए नौदा की जनता से माफी भी मांगी. हुमायूं कबीर के इस बयान के बाद बंगाल में सियासी पारा हाई हो गया है. जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मंगलवार को जब रेजीगनर में उपचुनाव हो रहा है. इस दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, उन्हें 12 घंटे बाद ही छोड़ दिया गया, लेकिन उनका गिरफ्तारी के बाद राजनीति से ही मोह भंग होने लगा. वे मीडिया से बात करते हुए रो पड़े और दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल सीट पर BJP ही जीतेगी.
राजनीति से संन्यास लेने की कही बात
हुमायूं कबीर ने अपने विधानसभा के लोगों को बुलाया है और उनसे राय लेने की बात कही है. उन्होंने कहा कि अगर 60 प्रतिशत लोगों की राय पद छोड़ने पर सहमति जताते हैं, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा. क्योंकि अब राजनीतिक व्यवस्था और उनके साथ किए गए व्यवहार से मोहभंग हो गया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि रेजीनगर सीट पर चुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ है. इसके जिम्मेदार प्रशासन हैं.
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बाबरी मस्जिद की रखी नींव
बता दें, हुमायूं कबीर इससे पहले टीमसी से विधायक थे. इस दौरान उन्होंने बंगाल में ही बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था. जिसके बाद पार्टी ने आपत्ति जताई. हालांकि, इसके बाद उन्होंने टीएमसी छोड़कर अपनी खुद की उन्नयन पार्टी बना ली और विधानसभा का चुनाव लड़ा. इस दौरान दोनों सीटों पर हुमायूं कबीर को जीत मिली थी. जिसमें रेजीनगर सीट उन्होंने छोड़ दिया है. जहां उपचुनाव हुआ है. फिलहाल, हुमायूं कबीर के इस बयान के बाद प्रदेश का सियासी पारा हाई हो गया है.