क्या गिर जाएगी जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला की सरकार? 25 विधायकों के अल्टीमेटम से बढ़ी टेंशन
सीएम उमर अब्दुल्ला
Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस के करीब 25 विधायक पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं. इन विधायकों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के सामने अपनी मांगें रखी हैं. इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वे विधायक पद से इस्तीफा दे सकते हैं. अल्टीमेटम के बाद इस पूरे घटनाक्रम पर शुक्रवार को श्रीनगर में एक अहम बैठक होने जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे होने वाली इस बैठक में उमर और फारूक अब्दुल्ला नाराज विधायकों से बातचीत करेंगे. विधायकों की नाराजगी सरकार में जिम्मेदारियों के बंटवारे और कामकाज के तरीके को लेकर है.
नाराज विधायकों की मांग है कि मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगमी को पद से हटाया जाए. इसके अलावा डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी से सड़क निर्माण विभाग वापस लेने या उन्हें पद से हटाने की मांग भी शामिल है. विधायकों ने सरकार से जुड़े लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने की बात भी कही है.
सांसद के इस्तीफे से भी बढ़ी मुश्किल
पार्टी के भीतर असंतोष के बीच श्रीनगर के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहंदी ने भी नेशनल कॉन्फ्रेंस से नाता तोड़ लिया है. उन्होंने अपने फैसले को आजादी से जुड़ा बताते हुए पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था. गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया.
25 इस्तीफों से कैसे गिरेगी सरकार?
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 95 सीटें हैं, जिनमें 90 निर्वाचित और 5 मनोनीत सीटें शामिल हैं. फिलहाल मनोनीत सीटें खाली हैं. सदन में बहुमत के लिए 46 विधायकों का समर्थन जरूरी है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन के पास अभी 53 सीटें हैं. अगर 25 विधायक इस्तीफा देते हैं तो गठबंधन की संख्या घटकर 28 रह जाएगी. ऐसी स्थिति में सदन की प्रभावी संख्या के हिसाब से बहुमत का आंकड़ा 33 हो सकता है. यानी उमर सरकार बहुमत के संकट में फंस सकती है.
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