Super El Nino 2026: कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा, अलनीनो की वजह से भारत में बढ़ सकती हैं आपदाएं
सुपर अलनीनो का कहर
Super El Nino 2026: भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए साल 2026 चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है. कहीं रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है, तो कहीं मानसून कमजोर रहने की आशंका है. कई देशों में सूखा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी देखने को मिल सकती हैं. इसकी बड़ी वजह सुपर अलनीनो को माना जा रहा है. अमेरिका की मौसम एजेंसी NOAA के जलवायु पूर्वानुमान केंद्र ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच सुपर अलनीनो बनने की संभावना सबसे ज्यादा है. वहीं भारतीय मौसम विभाग (IMD) भी पहले ही अलनीनो की वजह से मानसून पर असर पड़ने की चिंता जता चुका है.
क्या है अलनीनो?
अलनीनो दरअसल, ENSO यानी अलनीनो-दक्षिणी दोलन जलवायु चक्र का गर्म चरण होता है. इसमें प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है, जिसका असर दुनिया भर के मौसम पर पड़ता है. इसकी वजह से वैश्विक तापमान बढ़ने लगता है और बारिश, खेती और मौसम का संतुलन बिगड़ सकता है.
⚠️ HISTORY’S DEADLIEST CLIMATE DISASTER began with warming waters in the Pacific Ocean.
— Gaurav kochar (@gaurav_kochar) May 16, 2026
The 1877–78 Super El Niño triggered a global chain reaction:
🇮🇳 India: monsoon collapse, 12–29 million deaths
🇨🇳 China: catastrophic crop failures & mass starvation
🇧🇷 Brazil: Nordeste… pic.twitter.com/cyJeXyTfrH
अगर इस बार सुपर अलनीनो बनता है, तो इसे इतिहास के सबसे खतरनाक अलनीनो में गिना जा सकता है. साल 1877 में आए भीषण अलनीनो के कारण 1876 से 1878 के बीच दुनिया में बड़ा अकाल पड़ा था, जिसमें करोड़ों लोगों की मौत हुई थी.
अलनीनो ने बढ़ाई भारतीय मौसम विभाग की चिंता
भारतीय मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में 26 मई 2026 के आसपास पहुंच सकता है, जो सामान्य तारीख 1 जून से पहले है. पिछले कुछ सालों से मानसून जल्दी आने का ट्रेंड भी देखा गया है.
HELLO EL NINO- TEMPERATURE CLOSED TO RECORD 2024
— Peter D Carter (@PCarterClimate) May 16, 2026
Models projected El Nino May- so this fits. #elnino #climatechange #globalwarming pic.twitter.com/CXYY6FzPeB
हालांकि NOAA की नई रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले महीनों में अलनीनो बनने की संभावना तेजी से बढ़ रही है और इसका असर 2026-27 की सर्दियों तक रह सकता है. मौसम विशेषज्ञ और क्लाइमेट इमरजेंसी इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर पीटर डी कार्टर का कहना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण धरती का तापमान फिर से रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है.
कब आएग अलनीनो?
- विशेषज्ञों के अनुसार, मई से जुलाई 2026 के बीच अलनीनो विकसित होने की 82 प्रतिशत संभावना है.
- माना जा रहा है कि यह स्थिति अगले साल फरवरी 2027 तक बनी रह सकती है.
- NOAA के अप्रैल वाले पूर्वानुमान की तुलना में यह संभावना अब काफी ज्यादा बढ़ गई है.
- पहले जहां अलनीनो आने की आशंका जताई गई थी, वहीं अब इसके मजबूत रूप यानी सुपर अलनीनो बनने की संभावना और अधिक स्पष्ट दिखाई दे रही है.