आर्टिकल 370 से लेकर बंगाल फतह तक… 7 सालों में बीजेपी ने किए श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दो सपने पूरे

Bjp Shyama Prasad Mukherjee: भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी के संस्‍थापक श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी के दो सपनों को पूरा कर लिया है. इनमें बंगाल में सरकार बनाना और कश्‍मीर से 370 हटाना शामिल है.
मोदी और शाह ने मिलकर पूरे किए सपने

मोदी और शाह ने मिलकर पूरे किए सपने

Bjp Shyama Prasad Mukherjee: भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर अपना सालों पुराना सपना पूरा कर लिया है. बीजेपी लंबे समय से बंगाल जीत की कोशिश कर रही थी. हालांकि यह जीत न‍ित‍िन नवीन के कार्यकाल में मिली है. बीजेपी के नेता श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी के  अब दोनों ही सपने महज 7 सालों के भीतर पूरे हो चुके हैं. पहला जम्मू-कश्मीर से 370 हटाना और दूसरा बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाना.

भारतीय राजनीति में कुछ फैसले ऐसे होते हैं जो केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि लंबे समय से देखे गए सपनों की पूर्ति भी माने जाते हैं. बीजेपी ने पिछले कुछ सालों के भीतर ही अपने कई पुराने सपनों को पूरा किया है. इनमें बंगाल में सरकार और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना शामिल है.

इन दोनों ही सपनों की जड़ें सीधे तौर पर श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की विचारधारा से जुड़ी हैं. मुखर्जी ने शुरुआत में ही  एक देश, एक विधान और एक निशान की बात करते हुए जम्मू-कश्मीर में विशेष दर्जे का विरोध किया था.  उनका मानना था कि देश की एकता के लिए अलग संविधान और अलग झंडे की व्यवस्था सही नहीं है.

7 साल पहले हुआ था एक सपना पूरा

साल 2019 में केंद्र की सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया.यह फैसला केवल एक संवैधानिक बदलाव नहीं था, बल्कि दशकों से चली आ रही बहस का निर्णायक अंत भी था. बीजेपी इन कदमों को अपने ऐत‍िहास‍िक फैसलों के तौर पर गिन रही है. जब कश्‍मीर से 370 हटा रही थी. उस समय काफी व‍िरोध का सामना करना पड़ा था. इसके बाद भी वहां से 370 हटाकर मुखर्जी का सालों पुराना सपना पूरा किया गया.

बंगाल में सरकार बनाने का सपना हुआ पूरा

पश्चिम बंगाल, जो लंबे समय तक बीजेपी के लिए एक कठिन राजनीतिक जमीन मानी जाती था, वहां भी पार्टी ने पिछले कुछ सालों में तेजी से विस्तार किया.संगठन के स्तर पर मेहनत, नेतृत्व की रणनीति और जमीनी कार्यकर्ताओं के दम पर पार्टी ने राज्य की राजनीति में खुद को एक प्रमुख ताकत के रूप में स्थापित किया.यह बदलाव भी मुखर्जी के उस सपने से जुड़ा माना जाता है, जिसमें वे बंगाल में राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत देखना चाहते थे.

सिर्फ सात साल के भीतर इन दोनों बड़े लक्ष्यों का साकार होना बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक यात्रा को द‍िखाता है. जहां एक  तरफ अनुच्छेद 370 हटाकर केंद्र ने राष्ट्रीय एकता के अपनी आइडियोलॉजी को मजबूत किया, वहीं बंगाल में बढ़ती पकड़ ने पार्टी के विस्तार को नई दिशा दी. 

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