‘रेन रेन गो अवे’ पर मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को ऐतराज, बताया यह संस्कृति के खिलाफ
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय
Yogendra Upadhyaya: उत्तर प्रदेश में मौजूदा मंत्री हों या फिर प्रधानमंत्री यह अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चाओं में बने रहते हैं. कभी-कभी इनके बयान इनके विवादित होते हैं कि सरकार को भी खामियाजा उठाना पड़ता है. ऐसे एक बयान को लेकर अब यूपी सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने बच्चों की मशहूर इंग्लिश नर्सरी राइम “Rain Rain Go Away” पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं के खिलाफ है.
मंत्री का कहना है कि भारतीय संस्कृति में बारिश को जीवन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में बच्चों को ऐसी कविता पढ़ाना, जिसमें बारिश को “चले जाओ” कहा जाए, भारतीय सोच से मेल नहीं खाता है. यही वजह है कि यह संस्कृति के ही खिलाफ है,
उन्होंने तर्क दिया कि यहां बारिश किसानों, प्रकृति और जीवन के लिए वरदान मानी जाती है, जबकि कविता में केवल खेलने की इच्छा के लिए बारिश को दूर जाने को कहा जाता है.
पहले भी कर चुके अजीब तरह की बातें
योगेंद्र उपाध्याय इस तरह के बयान पहली बार नहीं दे रहे हैं. वे कई इस तरह के बयान दे चुके हैं, इससे पहले “Johny Johny Yes Papa” राइम पर भी आपत्ति जता चुके हैं. उनका कहना था कि इस कविता में बच्चों को झूठ बोलते दिखाया गया है, जो भारतीय संस्कारों के अनुरूप नहीं है. उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को केवल किताबों की शिक्षा न दें, बल्कि नैतिक मूल्यों और भारतीय परंपराओं से भी जोड़ें.
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय
मंत्री के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति की रक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप बता रहे हैं. शिक्षा और संस्कृति को लेकर यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है.