Ebola Virus Cases Rising: कोरोना के बाद अब इबोला वायरस का डर, तेजी से बढ़ रहे मामले, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

Ebola Virus Cases: WHO के आंकड़ों के अनुसार, मई महीने के मध्य तक इबोला वायरस के 400 से 800 मामले सामने आए थे. वहीं अब इसके एक हजार से ज्यादा मरीजों की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है इबोला वायरस और इससे कैसे बचा जा सकता है.
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इबोला वायरस से कैसे बचें

Ebola Virus Symptoms Prevention: पिछले वर्षों में देश समेत पूरे विश्व ने कोरोना जैसी महामारी का सामना किया है. इस वायरस ने लोगों की आम जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया था और लाखों-करोड़ों परिवारों को तबाह कर दिया था. अब पिछले कुछ महीनों से एक और वायरस ने दस्तक दे दी है, जिसका नाम इबोला वायरस है. यह बीमारी अफ्रीका के कई हिस्सों में तेजी से फैल रही है, जिसकी वजह से दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. WHO के आंकड़ों के अनुसार, मई महीने के मध्य तक इबोला वायरस के 400 से 800 मामले सामने आए थे. वहीं अब इसके एक हजार से ज्यादा मरीजों की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है इबोला वायरस और इससे कैसे बचा जा सकता है.

कैसे फैलता है इबोला वायरस का खतरा?

  • सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, इबोला एक जानलेवा और बहुत खतरनाक बीमारी है, जिससे बचाव करना बहुत जरूरी है.
  • इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, उल्टी, लार या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है.
  • हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह वायरस हवा और पानी से नहीं फैलता लेकिन संक्रमित व्यक्ति के करीब आने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
  • इबोला वायरस का सबसे ज्यादा जोखिम डॉक्टरों, नर्सों और मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों को होता है.

इबोला वायरस के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?

  • WHO के अनुसार, इबोला वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे होते हैं, इसलिए शुरुआत में इसकी पहचान करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है.
  • इस बीमारी की चपेट में आने वाले व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और गले में दर्द महसूस होने लगता है.
  • इसके अलावा, बीमारी बढ़ने पर उल्टी, दस्त, स्किन रैश और कई मामलों में अंदरूनी या बाहरी ब्लीडिंग भी शुरू हो सकती है.
  • एक्सपर्ट्स का कहना है कि लक्षण दिखाई देने के बाद इबोला वायरस की पुष्टि होने में 2 से 21 दिनों तक का समय लग सकता है.
  • हालांकि, इसके शुरुआती संकेत पहले ही समझ में आने लगते हैं.

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इबोला वायरस से कैसे करें बचाव?

  • डॉक्टरों के अनुसार, इबोला से बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है.
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए और हाथों को बार-बार साबुन से धोना चाहिए.
  • किसी बीमार व्यक्ति के खून या बॉडी फ्लूइड्स को छूने से संक्रमण फैल सकता है, इसलिए इससे दूरी बनाकर रखना जरूरी है.
  • अगर कोई व्यक्ति इबोला प्रभावित इलाके से लौटा है और उसे तेज बुखार या कमजोरी महसूस हो रही है, तो तुरंत मेडिकल जांच करवानी चाहिए.
  • हेल्थ एजेंसियों के अनुसार, वैक्सीनेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग इबोला को रोकने के सबसे प्रभावी तरीके हैं.
  • वहीं हेल्थ वर्कर्स के लिए पीपीई किट, मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल बेहद जरूरी माना गया है.

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