ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ' 'मैं दूसरे दलों की टिप्पणी नहीं करूंगा. मैं उस घोड़े की तरह हूं. जिसकी आंखों पर विकास का ब्लिंकर लगा है. विकास और प्रगति का वही मेरा लक्ष्य है. एक फिनिश लाइन है, मुझे पीएम मोदी के नेतृत्व में उसी में लगना है.'
पीड़ित युवक का कहना है कि शादी के दूसरे दिन ही लड़की घर से कैश और जेवर लेकर भाग गई. समाज में काफी बेइज्जती हो गई है. युवक को नीलेड्रम जैसी घटना का डर सता रहा है. युवक को शक है कि युवती का किसी और युवक के साथ अफेयर है.
Khandwa News: देश के कई हिस्सों में अब तक मानसूनी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, इसी बीच मध्य प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी है. वहीं प्रदेश के खंडवा और हरदा जिले शुक्रवार से ही भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट पर थे.
Rewa News: पूरा मामला रीवा के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां ट्यूशन पढ़ने गई एक छात्रा के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है. छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 10 वर्षीय छात्रा नियमित रूप से एक ट्यूशन सेंटर में पढ़ने जाती थी.
Dindori: मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य डिण्डौरी जिले के शहपुरा इलाके के करौंदी गांव में जहां पर शिवम साहू ने अपने घर पर रहकर एआई रोबोट बनाया है.
Jabalpur News: यह मामला गोसलपुर थाना क्षेत्र का है. बरेला निवासी पीड़ित गौतम यादव की शादी 21 जून को हुई थी. 23 जून को पूरा परिवार एक शादी समारोह में शामिल हुआ. अगले दिन सबने बंजारिन माता मंदिर जाने का प्लान बनाया. इसी दौरान पति-पत्नी शादी की तस्वीरें खिंचवाने के लिए स्टूडियो पहुंचे थे.
Ujjain: शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने प्रभारी प्राचार्य अर्जुन सिंह दावरे के स्थानांतरण के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया.
Morena News: पुल की एप्रोच रोड के नीचे बनी सुरक्षा दीवारों में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं. इन दरारों को छिपाने के लिए कुछ स्थानों पर सीमेंट-रेत भर दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो दीवार कभी भी ढह सकती है.
Hemant Khandelwal Son Wedding: 3 जुलाई को उदयपुर में हुये इस विवाह समारोह में न तो किसी बड़े नेता, मंत्री, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति या सरकारी अधिकारी को आमंत्रित नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार का राजनीतिक जमावड़ा रहा.
Morena News: खाद लेने के लिए आज भी बड़ी संख्या में किसानों को घंटों लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि ई-टोकन व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ कम करना और पारदर्शिता लाना था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है.