Bhopal: गणेश विसर्जन के साथ स्वच्छता का संकल्प, वन विहार के चीकू गेट पर पोस्टर-स्लोगन से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
वन विहार के बाद पर्यावरण का संदेश
Bhopal News: डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता के संकल्प से स्वच्छता के उत्सव तक’ अभियान चलाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से गांधी जयंती तक आयोजित इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को केवल एक दिन की गतिविधि न रखकर दैनिक आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में बढ़ावा देना है. ‘मोदी जी से महात्मा तक स्वच्छता की ओर एक संकल्प, स्वच्छ भारत’ थीम के साथ शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
वन विहार के बाहर चल रहा अभियान
इसी अभियान के तहत आज वन विहार के चीकू गेट के आसपास विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया. अभियान में हेर हेल्थ हॉस्पिटल के करीब 20 स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की. टीम ने सड़क किनारे, झाड़ियों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई करते हुए प्लास्टिक, कागज, बोतलें, खाने-पीने की पैकिंग और अन्य कचरा एकत्र किया. सफाई के दौरान आसपास पड़ी छोटी-बड़ी मूर्तियों और अन्य पूजा सामग्री को भी सम्मानपूर्वक हटाकर एक स्थान पर एकत्र किया गया.

इस अवसर पर प्रसिद्ध कलाकार मोहित शेरवानी तथा हेर हेल्थ के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, रोबोटिक सर्जन और आयरनमैन डॉ. प्रिया भावे चिटावार ने भी अभियान में सहभागिता कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.
गणेश विसर्जन पर पर्यावरण का संदेश
गणेश विसर्जन के अवसर को देखते हुए टीम के सदस्यों ने ‘तक्ख्तियों’ (पोस्टर/प्लैकार्ड) के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन का विशेष संदेश दिया. लोगों से अपील की गई कि विघ्नहर्ता को विदाई देते समय प्रकृति और शहर की स्वच्छता का भी ध्यान रखें. मूर्तियों, पूजन सामग्री, फूल-माला और अन्य कचरे को जलस्रोतों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर न छोड़ें और निर्धारित स्थानों पर ही विसर्जन एवं पूजन सामग्री का निस्तारण करें.
विघ्नहर्ता को सम्मान के साथ दे विदाई
अभियान का संदेश स्पष्ट था. विघ्नहर्ता को सम्मानपूर्वक विदाई दें, लेकिन प्रकृति को कचरे का भार न दें. पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन के माध्यम से आस्था के साथ प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाएं. अभियान से जुड़े सदस्यों ने कहा कि स्वच्छता केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दोबारा कचरा न फैलाना भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. गणेश उत्सव जैसे सामूहिक आयोजनों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के जनआंदोलन से जोड़कर ही शहर को वास्तव में स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है.
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