Bhopal: विधायक के आवंटित कमरे में साथ मिले महिला-पुरुष पुलिसकर्मी, MLA ने कहा- शराब पीकर…

Bhopal MLA Rest House: विधायक के मुताबिक, जब वे अपने आवंटित कमरे के पास पहुंचे तो कक्ष क्रमांक 15 में एक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद मिले. दोनों आपस में दोस्त हैं. विधायक ने सवाल उठाया कि उनके नाम पर आवंटित कमरे की चाबी उनकी अनुमति के बिना किसी दूसरे व्यक्ति को कैसे दे दी गई
विधायक रेस्ट हाउस

mla rest house

Bhopal MLA Rest House: राजधानी भोपाल स्थित विधायक विश्राम गृह में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. महिदपुर विधायक दिनेश जैन बोस के आवंटित कमरे में उनकी जानकारी और अनुमति के बिना महिला और पुरुष पुलिसकर्मी मिले. दोनों आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं. विधायक ने इस मामले को गंभीर लापरवाही बताते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव को लिखित शिकायत की है. उन्होंने बिना अनुमति कमरे की चाबी दूसरे लोगों को देने वाले केयरटेकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

विधायक के कमरे पर मिले महिला पुरुष पुलिसकर्मी

विधायक दिनेश जैन बोस ने 3 नवंबर 2026 को लिखे पत्र में बताया कि विधायक विश्राम गृह खंड-3 में उन्हें कक्ष क्रमांक 14-15 और एक अतिरिक्त कक्ष क्रमांक 94 आवंटित किया गया है. वे 2 नवंबर को विधानसभा से जुड़े काम के सिलसिले में भोपाल पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने विश्राम गृह के काउंटर से कक्ष क्रमांक 15 की चाबी मांगी, लेकिन वहां बताया गया कि चाबी उपलब्ध नहीं है. इसके बाद वे कक्ष क्रमांक 14 की चाबी लेकर ऊपर पहुंचे.

विधायक के मुताबिक, जब वे अपने आवंटित कमरे के पास पहुंचे तो कक्ष क्रमांक 15 में एक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद मिले. दोनों आपस में दोस्त हैं. विधायक ने सवाल उठाया कि उनके नाम पर आवंटित कमरे की चाबी उनकी अनुमति के बिना किसी दूसरे व्यक्ति को कैसे दे दी गई? उन्होंने इसे विश्राम गृह की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक बताया है.

केयरटेकर की भूमिका पर उठे सवाल

शिकायत में वर्तमान केयरटेकर गणेश सूर्यवंशी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. विधायक के निजी सहायक ने जब केयरटेकर से पूछा कि कमरे की चाबी किस व्यक्ति को और किसकी अनुमति से दी गई, तो कथित तौर पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है और न ही उनके पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध है. विधायक का कहना है कि कमरों के आवंटन और चाबियों के वितरण का रिकॉर्ड नहीं होना व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.

विधायक ने विश्राम गृह की साफ-सफाई और कर्मचारियों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई है. उनका आरोप है कि परिसर में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है और कुछ कर्मचारी सुबह से शराब पीकर इधर-उधर घूमते रहते हैं. जनप्रतिनिधियों के ठहरने के लिए बनाए गए विश्राम गृह में इस तरह की स्थिति को उन्होंने अस्वीकार्य बताया है.

मामले की जांच की मांग की

विधायक ने विधानसभा के प्रमुख सचिव से पूरे मामले की जांच कराने, बिना अनुमति कमरे की चाबी देने के लिए जिम्मेदार केयरटेकर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने और विश्राम गृह की सुरक्षा, साफ-सफाई तथा प्रबंधन व्यवस्था सुधारने की मांग की है. अब सवाल यह है कि हाईसिक्योरिटी क्षेत्र में स्थित विधायक विश्राम गृह में कमरों की चाबियों का नियंत्रण किसके पास है और विधायक के आवंटित कमरे में दूसरे लोगों को प्रवेश कैसे मिला.

ज़रूर पढ़ें