MP Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द पर EC ने नहीं दिया जवाब, सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस पार्टी

MP Rajya Sabha Election: कांग्रेस ने भारत चुनाव आयोग से इस पर जवाब मांगा था, लेकिन अभी तक पार्टी को जवाब नहीं मिला है. मामले में कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
MP Congress protest demonstration (File photo)

एमपी कांग्रेस का धरना प्रदर्शन (फाइल फोटो)

MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है. कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले में पार्टी को अब तक चुनाव आयोग से कोई राहत नहीं मिली है. कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को निरस्त करने की मांग की थी, लेकिन आयोग की ओर से अभी तक कोई निर्णय सामने नहीं आया है.

सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस

ऐसे में कांग्रेस अब इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. नामांकन रद्द होने के खिलाफ कांग्रेस ने कोर्ट में याचिका दायर की है. पार्टी को उम्मीद है कि शीर्ष अदालत से उसे राहत मिल सकती है. वहीं राज्यसभा चुनाव के लिए नाम वापसी की प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है. यदि कोर्ट की ओर से समय रहते कोई हस्तक्षेप नहीं होता, तो मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर चुनावी मुकाबला समाप्त हो जाएगा और भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो सकते हैं.

नामांकन क्यों हुआ खारिज?

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन 9 जून को जांच प्रक्रिया के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा द्वारा निरस्त कर दिया गया था. भाजपा ने उनके नामांकन पत्र पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने चुनावी शपथ पत्र में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित मामले से जुड़ी जानकारी का उल्लेख नहीं किया है.

मामले में भाजपा का आरोप

भाजपा का कहना है कि चुनावी हलफनामे में उम्मीदवारों को सभी लंबित आपराधिक या कानूनी मामलों की जानकारी देना अनिवार्य होता है. पार्टी के अनुसार मीनाक्षी नटराजन का हलफनामा अधूरा पाया गया, जिसके आधार पर उनका नामांकन खारिज किया गया.

हलफनामे को लेकर कांग्रेस की दलील

कांग्रेस का तर्क है कि जब तक अदालत किसी मामले को औपचारिक रूप से स्वीकार कर आरोप तय नहीं करती, तब तक उसे लंबित आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता. इसलिए ऐसी स्थिति का उल्लेख चुनावी हलफनामे में करना आवश्यक नहीं था. पार्टी ने नामांकन रद्द करने के फैसले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया है.

भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत की संभावना

यदि कांग्रेस को अदालत या चुनाव आयोग से कोई राहत नहीं मिलती है, तो भाजपा के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने जा सकते हैं. इस संभावना ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है.

दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक

इसी बीच पूरे घटनाक्रम और आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ विभिन्न राज्यों के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्यसभा चुनाव से जुड़े विवाद और पार्टी की कानूनी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.

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