MP वक्फ बोर्ड में गैर-मुसलमानों की एंट्री से मुस्लिम संगठनों में नाराजगी, भोपाल में किया प्रदर्शन, कहा- ईंट से ईंट बजा देंगे
भोपाल: मुस्लिम संगठनों का प्रदर्शन
Bhopal Muslim Outfits Protest: मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुसलमानों की नियुक्ति की है. अब मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. राजधानी भोपाल में सोमवार (6 जुलाई 2026) को ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया. समिति ने मांग रखी कि इस फैसले को फौरन वापस लेना चाहिए. इसके कारण मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं.
‘ईंट से ईंट बजा देंगे’
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इस निर्णय पर नाराजगी जताई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि वक्फ एक धार्मिक संस्था है. यहां लोग अल्लाह की रजा के लिए अपनी दान करते हैं. उन्होंने कहा कि ये तुगलकी फरमान है. किसी धर्म के साथ छेड़छाड़ की क्यों जरूरत है? वक्फ में हिंदुओं को प्रवेश देने की क्या जरूरत है.
इसके साथ ही हसन ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या हमने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर, सोमनाथ मंदिर और उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर की कमेटी में हमें शामिल करें. सभी धर्म का सम्मान है लेकिन छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
‘इसे धर्म के चश्मे से देखना आश्चर्य’
वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के तहत दो हिंदू सदस्यों की नियुक्ति पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि वक्फ कानून 2026 लागू करने वाले मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है. यह प्रसन्नता की बात है. मुख्यमंत्री मोहन यादव और वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को बहुत बधाई. इसके बहुत दूरगामी और अच्छे परिणाम निकलने वाले हैं. यह मस्जिद कमेटी में किसी गैर मुस्लिम को शामिल करने वाली बात नहीं है, वक्फ बोर्ड अलग है.
उन्होंने आगे कहा कि इसे धर्म के चश्मे से देखना आश्चर्य की बात है. वक्फ बोर्ड केवल मस्जिदों तक सीमित नहीं है, इसका दायरा बहुत बड़ा है. यह कानून लोकसभा और राज्यसभा में बहुत विचार विमर्श के बाद बना है. राहुल गांधी उचक-उचक कर कहते हैं हम संविधान की रक्षा करेंगे, अब जब कानून आया तो विरोध कर रहे हैं. वक्फ कानून अब संविधान का हिस्सा है. इस कानून का संविधान के तहत परिवर्तन हुआ है.
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क्या है पूरा मामला?
वक्फ (संधोधन) अधिनियम 2025 के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को नियुक्त किया. इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया है. इसके साथ ही सनवर पटेल को दोबारा बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इस तरह एमपी देश का पहला राज्य बन गया है जिसने वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों का नियुक्त किया है. जहां सरकार इसे ऐतिहासिक फैसला बता रही है. वहीं, मुस्लिम संगठनों ने विरोध जताया है.