नकली CBI अफसर बनकर ठगे लाखों रुपये, विदिशा के रिटायर्ड लाइनमैन को ऐसे लगाया चूना

मध्य प्रदेश के विदिशा में जालसाजों ने खुद को सीबीआई अफसर बताकर एक बुजुर्ग दंपत्ति से लाखों रुयपे की ठगी को अंजाम दिया है.
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सांकेतिक तस्वीर

इन दिनों साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे है. ताजा मामला मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से सामने आया है यहां पर जालसाजों ने खुद को सीबीआई अफसर बताकर एक बुजुर्ग दंपत्ति से लाखों रुयपे की ठगी को अंजाम दिया है. ठगों ने डरा-धमकाकर रिटायर्ड लाइनमैन से करीब 69 लाख रुपये की ठगी कर ली.

सिविल लाइन थाना क्षेत्र की घटना

ये मामला विदिशा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बंटी नगर का बताया जा रहा है. पीड़ित प्रदीप कपाड़े वर्ष 2016 में बिजली विभाग में अकाउंटेंट के पद से रिटायर हुए थे. बीते महीने यानी अक्टूबर की 5 तारीख को उनके पास एयरटेल कंपनी से एक फोन आया. फोन करने वाले जालसाज ने खुद बताया कि उनकी सिम फर्जी है. उसने सिम को आधार कार्ड से वेरीफाई करने का झांसा दिया और धीरे-धीरे बुजुर्ग को जालसाज अपने जाल में फंसाता गया.

ऑडियो कॉल कटने के बाद जालसाजों ने प्रदीप कपाड़े को तुरंत वीडियो कॉल करके डिजिटल अरेस्ट कर लिया. आपको जानकर हैरानी होगी कि आरोपियों ने बजुर्ग को करीब 25 दिन अपने ही घर में डिजिटल अरेस्ट कर रखा था. इस दौरान पीड़ित को न तो किसी से बात करने की इजाजत थी और न ही घर से बाहर जाने की.

फर्जी कोर्ट किया तैयार

आरोपियों ने मोबाइल पर ही फर्जी कोर्ट तैयार कर ऑनलाइन पिटीशन दाखिल की और फर्जी सुनवाई करने लगे. खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए आरोपी को उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग केस में जोड़ दिया. अब पीड़ित को केस से बचाने और जांच का हवाला देकर उन्होंने रिटायर्ड लाइन मैन से अलग-अलग बैंक एकाउंट में कुल 69 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए.

इस पूरी मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पेमेंट अटक गया. खात ब्लॉक होने ठगों ने खुद पीड़ित को साइबर ऑफिस जाने की सलाह दी. इसके बाद पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा और आपबीती सुनाई. पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए चार विशेष टीमें बनाई हैं.

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