बड़वानी में मुहर्रम की सातवीं तारीख को निकाली गई बाबाओं की सवारियां, जिआरत में शामिल हुए लोग

Barwani News: मोहर्रम की सातवीं तारीख की रातभर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बाबाओं की सवारियां भी निकाली गईं. इन सवारियों के दर्शन और जियारत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े. लोगों ने अकीदत के साथ हाजिरी लगाई और अपनी मन्नतें मांगी.
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बड़वानी में मुहर्रम की सातवीं तारीख को निकाली गई बाबाओं की सवारियां

Barwani News: (सचिन राठौड़ की रिपोर्ट) बड़वानी में मोहर्रम पर्व को लेकर अकीदत का माहौल गहरा गया है। मंगलवार रात मोहर्रम माह की सातवीं तारीख पर शहर ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंज उठा. इस दौरान ‘शेर’ और ‘बाबाओं की सवारियां’ निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.

भाईचारे और एकता का संदेश दिया

ताशों की गूंज के बीच युवा और बच्चे अपनी मान-मन्नत के अनुसार शेर का स्वांग रचकर निकले. पारंपरिक वेशभूषा में सजे इन बच्चों और युवाओं को देखने के लिए मार्गों पर भीड़ उमड़ पड़ी. उनके साथ चल रहे युवाओं के समूह ने विभिन्न ताजिया निर्माण स्थलों पर लोबान पेश कर भाईचारे और एकता का संदेश दिया.

बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु

मोहर्रम की सातवीं तारीख की रातभर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बाबाओं की सवारियां भी निकाली गईं. इन सवारियों के दर्शन और जियारत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े. लोगों ने अकीदत के साथ हाजिरी लगाई और अपनी मन्नतें मांगी. देर रात तक शहर के प्रमुख मार्गों पर धार्मिक माहौल बना रहा.

सालों से निभाई जा रही परंपरा

बड़वानी में ताजियों की परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसे आज भी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया जा रहा है. शहर के विभिन्न मोहल्लों में आकर्षक एवं कलात्मक ताजियों का निर्माण अंतिम चरण में है. समाजजन दिन-रात मेहनत कर ताजियों को भव्य स्वरूप देने में जुटे हैं. रंग-बिरंगी सजावट, नक्काशी और रोशनी से सुसज्जित ये ताजिए इस बार भी आकर्षण का केंद्र बनेंगे.

ताजिये जियारत के लिए रखे जाएंगे

मोहर्रम की दसवीं तारीख, 26 जून की रात को शहरभर के ताजिए जियारत के लिए रखे जाएंगे. इसके बाद परंपरागत धार्मिक रस्मों का आयोजन होगा. विभिन्न स्थानों पर पानी और शरबत की सबीलें भी लगाई जा रही हैं. मोहर्रम में प्यासों को पानी पिलाना और राहगीरों की सेवा करना पुण्य का कार्य माना जाता है, जिसमें समाजजन बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं.

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पूरे शहर को सजाया गया है

पर्व को लेकर शहर के विभिन्न मार्गों, चौकों और मोहल्लों को ध्वज-पताकाओं एवं विद्युत सज्जा से सजाया गया है. मुस्लिम समाज द्वारा प्रतिदिन कुरआन ख्वानी, मजलिसों और तकरीरों का दौर जारी है, जहां करबला में हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी का जिक्र कर सत्य, धैर्य और मानवता का संदेश दिया जा रहा है.

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