MP के पेंशनर्स को एरियर्स के लिए करना होगा और इंतजार, कोर्ट में स्टे लेने की तैयारी में राज्य सरकार

State Govt Seeks Court Stay: पेंशनर्स के लिए राज्य सरकार का ये कदम झटके के तौर पर देखा जा रहा है. छठवें वेतनमान के तहत करीब 2.46 लाख पेंशनर्स को एरियर्स का लाभ मिलना है. 32 महीने के बकाये एरियर्स की राशि करीब 400 करोड़ रुपये है.
MP High Court, Indore

एमपी हाईकोर्ट, इंदौर

State Govt Seeks Court Stay: मध्य प्रदेश के 2.46 लाख पेंशनर्स को एरियर्स के लिए अभी और इंतजार करना होगा. एरियर्स ना देने पर सरकार के खिलाफ अवमानना के केस दर्ज किए जा रहे हैं. इससे बचने के लिए राज्य सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है. कोर्ट में स्टे ऑर्डर प्राप्त करने के लिए कहा गया है.

आदेश में क्या कहा गया?

राज्य सरकार की ओर से सोमवार (21 सितंबर) को आदेश जारी किया गया. इसमें कहा गया है कि 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक यानी 32 माह और 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक यानी 27 महीने के एरियर्स भुगतान के संबंध में कार्रवाई की जानी है. इस मामले में सरकार ने संबंधित विभागों से स्टे ऑर्डर लेने के लिए कहा है. आदेश में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ का जिक्र किया गया है.

4400 करोड़ की होगी बचत

पेंशनर्स के लिए राज्य सरकार का ये कदम झटके के तौर पर देखा जा रहा है. छठवें वेतनमान के तहत करीब 2.46 लाख पेंशनर्स को एरियर्स का लाभ मिलना है. 32 महीने के बकाये एरियर्स की राशि करीब 400 करोड़ रुपये है. वहीं, 1 जनवरी 2016 से जुलाई 2018 तक सातवें वेतनमान के तहत 4.50 लाख पेंशनर्स आते हैं. जिनके एरियर्स की राशि 4000 करोड़ है. सरकार एरियर्स देने से बचती है तो 4400 करोड़ रुपये की राशि की बचत होगी.

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मामला संवैधानिक पीठ के पास

पेंशनर्स को एरियर्स देने का मामला सुप्रीम कोर्ट के पास है. देश भर के अलग-अलग राज्यों के उच्च न्यायालयों ने राशि के भुगतान के आदेश दिए हैं. इस मामले में हाई कोर्ट की डबल बेंच ने कहा है कि मामला संवैधानिक पीठ के पास है, वहां से पहले निर्णय आ जाना चाहिए. वर्तमान में मामला न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा है और आगे की कार्रवाई संबंधित न्यायालयों के आदेशों पर निर्भर रहेगी.

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