बालाघाट के ‘मुन्ना भाई’ पर बड़ी कार्रवाई, फर्जी निकली बिरसा बीएमओ की MBBS की डिग्री
इलाज करता हुआ आरोपी फर्जी डॉक्टर
Balaghat BMO Fake Degree: बालाघाट जिले के बिरसा थाना क्षेत्र में एक ही एमबीबीएस डिग्री पर दो अलग-अलग लोग 15 साल से ज्यादा समय से सरकारी डॉक्टर की नौकरी कर रहे थे. अब तत्कालीन बीएमओ डॉ. सुनील सिंह खिलाफ मध्य प्रदेश शासन ने 9 अक्टूबर यानी की शुक्रवार को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. आइए जानते है क्या है इन फर्जी डॉक्टरों का पूरा मामला.
बिरसा पुलिस ने आरोपी तत्कालीन बीएमओ डॉ. सुनील सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हथियाने के आरोप में केस किया है. स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ शत्रुघन दाहिया से मिली जानकारी अनुसार, वर्ष 2009 में बालाघाट में डॉ. के रूप में इनकी पहली संविदा भर्ती हुई थी. जिसके बाद वर्ष 2012 में यह रेग्युलर हो गए. 2020 में इन्हें बीएमओ का प्रभार मिला.
17 साल की सरकारी सेवा पर भी गंभीर सवाल
दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया था कि कि एक ही नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, मेडिकल कॉलेज, डिग्री का साल और कोर्स की जानकारी का इस्तेमाल कर दो डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे थे. पिछले पांच महीनों से इस मामले में जांच चल रही थी. अब जब आरोपी की डिग्री फर्जी निकली है तो करीब 17 साल की सरकारी सेवा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इतना ही डिग्री सत्यापन से लेकर नियुक्ति प्रक्रिया तक सवालों के दायरे में आ गई है.
स्वास्थ्य विभाग को नहीं लगी भनक
दोनों ने वर्षों तक सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए वेतन उठाया, अस्पतालों में मरीजों का इलाज किया और अपनी निजी क्लिनिक भी चलाया. हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग को इतने लंबे समय तक इस धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी.

पुलिस ने आरोपी डॉ. सुनील सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 340(2) और 336(3) के तहत केस दर्ज कर लिया है. पुलिस ने मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.
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