Jabalpur News: ट्रेन में छूटी लाइसेंसी बंदूक, प्लेटफॉर्म पर मचा हड़कंप, आधार कार्ड से हुई मालिक की पहचान
पुलिस ने मालिक को ढूंढा
Jabalpur News: ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों का सामान छूट जाना आम बात है, लेकिन अगर कोई अपनी लाइसेंसी बंदूक ही ट्रेन में भूल जाए तो हड़कंप मचना लाजमी है. जबलपुर रेलवे स्टेशन पर कुछ ऐसा ही मामला सामने आया. सफाईकर्मी ने ट्रेन के एक कोच के पास बंदूक और बैग देखा तो उसके होश उड़ गए. इसके बाद उसने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सूचना दी.
प्लेटफॉर्म पर मिला लावारिस बैग और बंदूक
दरअसल, जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर लावारिस बंदूक और बैग मिलने की सूचना आरपीएफ को मिली. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और बंदूक व बैग को अपने कब्जे में ले लिया. आरपीएफ को सबसे पहले इसकी जानकारी स्टेशन पर कार्यरत सफाईकर्मी ने दी.
आरपीएफ ने बंदूक और बैग से संबंधित जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह सामान एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत व्यक्ति का है, जो जल्दबाजी में गलती से अपना बैग और बंदूक प्लेटफॉर्म पर छोड़कर रवाना हो गया था.
तलाशी में मिला हथियार और अन्य सामान
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट जबलपुर के उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार को गश्त के दौरान रेलवे स्टेशन जबलपुर के प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 के मुख्य द्वार, गेट क्रमांक 5 के पास एक नीले रंग का लावारिस बैग होने की सूचना सफाईकर्मी बन्नो वंशकार ने रात में दी. सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ने नियमानुसार गवाहों की मौजूदगी में बैग की तलाशी ली.
तलाशी के दौरान बैग में 12 बोर की एक लाइसेंसी एकनाली बंदूक, 65 एमएम के दो जीवित कारतूस, गन साफ करने का सामान, नोकिया कंपनी का की-पैड मोबाइल, फास्टट्रैक कंपनी की घड़ी, कपड़े सहित अन्य सामग्री बरामद हुई. इसके बाद मौके पर आवश्यक पंचनामा तैयार किया गया और बंदूक के मालिक की तलाश शुरू की गई.
आधार कार्ड से मिली मालिक की पहचान
आरपीएफ को बैग में आधार कार्ड और एक डायरी में दर्ज मोबाइल नंबर मिला, जिसके आधार पर उसके स्वामी से संपर्क किया गया. सूचना मिलने पर वह रात में ही आरपीएफ पोस्ट जबलपुर पहुंच गया. पूछताछ में उसने अपना नाम भगत सिंह तोमर, पिता स्व. बाबूसिंह तोमर, उम्र 42 वर्ष, निवासी मड़ोखर, कोंथर कला, जिला मुरैना बताया.
भगत सिंह ने बताया कि वह जीआरएम कंपनी, बिलपठार, जबलपुर में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि ग्वालियर जाने के दौरान नशे की हालत में वह अपना बैग प्लेटफॉर्म पर ही भूल गए थे. पूरी छानबीन और दस्तावेजों की जांच के बाद आरपीएफ ने बंदूक और बैग उन्हें सुपुर्द कर दिया.
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